धूमधाम से हुआ दिव्यांग लड़की का विवाह, दूल्हा बनकर बारात लेकर आए भगवान कृष्ण, छपे 400 कार्ड, 2 हजार लोग हुए शामिल

Rajasthan: राजस्थान में 2 अप्रैल को एक अनूठा विवाह देखने को मिला जिसमें एक 21 साल की दिव्यांग लड़की की शादी बड़ी ही धूमधाम से भगवान श्रीकृष्ण के साथ संपन्न हुई।

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Rajasthan: राजस्थान में 2 अप्रैल को एक अनूठा विवाह देखने को मिला जिसमें एक 21 साल की दिव्यांग लड़की की शादी बड़ी ही धूमधाम से भगवान श्रीकृष्ण के साथ संपन्न हुई। जी हां, इस लड़की का नाम तमन्ना कंवर है जिसे उसके परिजन और आसपास के लोग दूसरी मीराबाई कहकर बुला रहे हैं। ये विवाह समारोह जोबनेर में हुआ था जहां वृंदावन से सुहाग की सामग्री लाई गई थी। 

इसके ढेर सारे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिनमें आपको इस अनूठे विवाह समारोह की झलक देखने के लिए मिल जाएगी। 2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा के मौके पर हुई शादी के लिए परिवारवालों ने लगभग 400 कार्ड छपवाए थे। भांडीर वन और वृंदावन स्थित मांग बिहारी मंदिर से राधा-कृष्ण के विग्रह से सिंदूर और सुहाग की सामग्री लाई गई। 

भगवान श्रीकृष्ण से हुआ तमन्ना का विवाह

तमन्ना की मां डॉ. मंजू कंवर ने कहा कि दिव्यांगता के कारण बच्ची की शादी करना संभव नहीं है। जब वो 18 साल की हुई तो पूजा करते समय उनके मन में विचार आया और उन्हें तमन्ना दुल्हन के रूप में दिखी लेकिन दूल्हा कौन होगा। तब एक दिन उन्होंने फैसला किया कि वो भगवान कृष्ण से बेटी की शादी करवाएंगी। जब उन्होंने अपनी बात परिवारवालों के सामने रखी तो सभी राजी हो गए। पंडितजी ने चैत्र शुक्ल पूर्णिमा वाले दिन शादी का मुहूर्त निकाला था जिसमें करीब दो हजार लोग शामिल हुए। 

धूमधाम से हुईं शादी की रस्में

पिता मंगल सिंह खंगारोत ने भी बताया कि शादी के लिए भगवान कृष्ण की एक खास चांदी की प्रतिमा तैयार करवाई गई थी जिसपर स्वर्ण का लेप करवाया गया। मंगलवार को पीले चावल की रस्म के साथ शादी के कार्यक्रम शुरू हुए, फिर बुधवार को हल्दी और मेहंदी की रस्म के बाद शाम को महिला संगीत का आयोजन किया गया। गुरुवार शाम को 4:15 बजे गढ़ परिसर स्थित ज्वाला पोल के पास केशवरायजी के मंदिर से धूमधाम से बारात रवाना हुई। फिर पाणिग्रहण संस्कार की रस्म हुई जिसके बाद 3 अप्रैल को सुबह 11:15 बजे विदाई की गई थी। 

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बेटी के लिए मां ने छोड़ी पढ़ाई

डॉ. मंजू कंवर ने बताया कि बेटी की देखभाल करने के लिए उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। तमन्ना जब 10-12 साल की हुई, तब उसने परिवार के लोगों को पहचानना शुरू किया। तब उन्होंने वापस अपनी पढ़ाई शुरू की और पीएचडी की। घर में अक्सर टीवी पर भक्ति वाले कार्यक्रम चलते थे जिसमें उनकी बेटी काफी रुचि लेती थी। तभी परिवारवालों को अहसास हुआ कि तमन्ना भगवान से जुड़ी हुई है। उन्होंने ये भी दर्द साझा किया कि कैसे लोग उनकी बच्ची को लेकर दिल दुखाने वाली बातें कहते थे कि ये पुराने जन्म के कर्मों का फल है लेकिन आज वो खुश हैं कि उनके घर भगवान जमाई बनकर आए हैं। 

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात

मंजू ने खुलासा किया कि शादी की तिथि तय करने के बाद वो बेटी को वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन करवाने ले गए थे। वही, तमन्ना की बहन हर्षिता कंवर ने भी खुशी जताते हुए कहा कि भगवान से शादी होना अपने आप में ही काफी सौभाग्य की बात है। तमन्ना काफी व्रत पूजा करती हैं जिनका उसे फल मिला है। उन्होंने कहा कि ये शायद देश में ऐसा पहला मामला है और उनकी बहन दूसरी मीराबाई है।

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Published By :
Sakshi Bansal
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