AI के जरिए हाथियों की जान बचाने में मिली बड़ी सफलता, भारत के इस राज्य में पिछले ढाई साल में एक भी मौत नहीं, जानिए कैसे काम करता है ये सिस्टम
AI का प्रयोग हर जगह देखने को मिल रहा है। अब तमिलनाडु में जानवरों के संरक्षण में भी AI को बड़ी सफलता मिल रही है। इस कारण हाथी की ट्रेन से टकराकर मौत होने की समस्या खत्म हो गई है।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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AI का प्रयोग हर जगह देखने को मिल रहा है। अब तमिलनाडु में जानवरों के संरक्षण में भी AI को बड़ी सफलता मिल रही है। इस कारण हाथी की ट्रेन से टकराकर मौत होने की समस्या खत्म हो गई है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में पहले कई बार रेलगाड़ी से टकराकर हाथी की मौत हो जाती थी। लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए कुछ संवेदनशील रेलवे ट्रैक पर AI आधारित एक कैमरा सिस्टम लगाया गया था। अब रिपोर्ट के अनुसार पिछले ढाई साल में एक भी हाथी की ट्रेन से टकराकर मौत नहीं हुई है।
क्या है ये AI सिस्टम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस AI सिस्टम में एक कैमरा लगा हुआ है जो हाथियों के ट्रैक पर आने के बाद रियल टाइम अलर्ट जारी करता है। कोयंबटूर के मदुक्करई वन क्षेत्र के पुथुपाथी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक एआई कैमरा सिस्टम लगाया गया था। रपोर्ट के अनुसार इस सिस्टम ने अब तक 7,100 से अधिक रियल-टाइम अलर्ट जारी किए हैं। इन अलर्ट के जारिए 3,280 से अधिक बार ट्रेनों की रफ्तार कम की गई या जरूरत पड़ने पर उनको रोका भी गया है।
कैसे काम करता है
इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ थर्मल इमेजिंग कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही 24 घंटे मानव निगरानी की भी सहायता ली जाती है। इससे जैसे ही रेलवे ट्रैक पर कोई दिखाई देता है तो कैमरा उसकी फोटो खींच कर वन विभाग और रेलवे अधिकारियों को भेज देता है। इसके बाद वनकर्मी जल्द से जल्द वहां पहुंच जाते हैं और हाथियों को ट्रैक की ओर जाने से रोककर उनकी जान बचाने का काम करते हैं।
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एक पूरा नेटवर्क करता है काम
वन्यजीवों की रक्षा के लिए इस प्रोजेक्ट के तहत वन अधिकारी, फील्ड स्टाफ, ड्रोन ऑपरेटर और रेलवे कर्मचारी भी काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वन और रेलवे विभाग एक विशेष मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से हाथियों की लोकेशन की लाइव जानकारी पूरी टीम के साथ साझा करते हैं।