अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 50 OTT प्लेटफॉर्म हुए ब्लॉक, मोदी सरकार ने की बड़ी कार्रवाई
मोदी सरकार कड़े निर्णय लेने के लिए जानी जाती है। सरकार ने अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने का बड़ा और अच्छा काम किया है।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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मोदी सरकार कड़े निर्णय लेने के लिए जानी जाती है। सरकार ने पिछले 2 वर्षों में अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने का बड़ा और अच्छा काम किया है। सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
भारत सरकार डिजिटल दुनिया पर लगातार अपनी निगाहें बनाये रखती है। इसलिए जहां भी अश्लीलता को लेकर या देश के किसी भी कानून का उलंघन होता दिखता है तो सरकार इस तरह के फैसले लेने में देर नहीं लगाती है।
भारत सरकार ने आईटी अधिनियम 2000 के तहत 25.02.2021 को 'सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021' अधिसूचित किए थे। इसके पीछे सरकार का मकसद प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए एक संस्थागत व्यवस्था बनानी रही है। इन नियमों का भाग-III डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए आचार संहिता का प्रावधान करता है। यहां ये भी बता दें कि शिकायतों का समाधान आईटी नियम, 2021 के प्रावधानों के तहत किया जाता है।
क्या है कानून
आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79 (3)(बी) में गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने या उस तक पहुंच को बंद करने के लिए मध्यस्थों को सूचित करने का प्रावधान है। शिकायतों के आधार पर, सरकार नियमित रूप से ऐसे मध्यस्थों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करती है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में अश्लील कंटेंट दिखाने और आईटी अधिनियम की धारा 67 व 67 ए, बीएनएस की धारा 294, और महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 का उल्लंघन करने के कारण भारत में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म को बंद किया है।
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कौन सी ओटीटी ऐप्स हुई बंद
इन ओटीटी प्लेटफॉर्म में Alt, Ullu, MoodXVIP, Koyal PlayPro, Digi Movieplex, Feel, और Jugnu जैसी कई ऐप्स के नाम शामिल हैं। यह सभी ऐप्स अब गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर अब उपलब्ध नहीं है। हालांकि अभी भी इनमें से कुछ ऐप्स apk files की तरह डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध हैं। ऐसे में सरकार को इस पर भी कोई एक्शन लेना चाहिए।