E20 के बाद E85 इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल की बारी! जल्द कार निर्माता कंपनियों को सौंपी जाएगी टेक्नोलॉजी, IIT कानपुर के प्रोफेसर ने दी जानकारी
IIT कानपुर के प्रोफेसर ध्रुव राज करण ने E20 पेट्रोल पर अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि E20 से गाड़ी के इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा। भारत में E85 तक की तकनीक विकसित हो चुकी है, जिससे बिना परफॉर्मेंस कम हुए गाड़ियां चल सकती हैं।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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देश में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच कई तरह की चर्चा जारी है। E20 पेट्रोल डालने से गाड़ी खराब हो जाएगी, इंजन खराब हो जाएगा या पेट्रोल मीठा हो जाएगा जैसी बातें जोर-शोर से कही जा रही हैं। इन अफवाहों को लेकर कानपुर के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर ध्रुव राज करण ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
E20 का मतलब है 20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल, यानी 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य फसलों से बनाया जाता है। भारत सरकार की नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स 2018 (2022 में संशोधित) के तहत यह कार्यक्रम चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है। भारत करीब 85% से ज्यादा तेल आयात करता है।
सरकार ने पूरे देश में E20 पेट्रोल को रोलआउट कर दिया है। यह कदम पर्यावरण प्रदूषण कम करने, पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाने और किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या पुरानी गाड़ियों में E20 पेट्रोल डालना सुरक्षित है?
E20 से क्या नुकसान?
प्रोफेसर ध्रुव राज करण का साफ जवाब है E20 गाड़ी में डालने से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया E20 पेट्रोल गाड़ियों के इंजन में किसी भी तरह की समस्या, खराबी या नुकसान नहीं पहुंचाएगा। यह पूरी तरह सुरक्षित है।
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E85 तक की टेक्नोलॉजी
प्रोफेसर ने आगे बताया कि भारत में E85 (85% इथेनॉल + 15% पेट्रोल) तक की एडवांस टेक्नोलॉजी पहले से ही विकसित की जा चुकी है। इस तकनीक को कार निर्माता कंपनियों को भी सौंप दिया गया है। इस तकनीक की मदद से गाड़ियां बिना किसी परफॉर्मेंस लॉस और बिना किसी नुकसान के 85% इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल पर भी आसानी से चलाई जा सकती हैं। यानी भविष्य में और ज्यादा इथेनॉल मिश्रण वाली पेट्रोल भी गाड़ियों के लिए सुरक्षित रहेगी।
"सिर्फ अफवाहें हैं"
प्रोफेसर ने सोशल मीडिया पर चल रही तमाम बातों को अफवाह और भ्रांति बताया। खासकर “पेट्रोल मीठा हो जाएगा”, “इंजन खराब हो जाएगा”, “गाड़ी चलना बंद हो जाएगी” जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
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उपभोक्ताओं के लिए सलाह
प्रोफेसर ध्रुव राज करण ने आम लोगों को सलाह दी है कि अपनी गाड़ी के साथ मिलने वाली मैनुअल को ध्यान से पढ़ें और उसी के अनुसार ईंधन का इस्तेमाल करें। सरकार और आधिकारिक स्रोतों द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों पर ही भरोसा करें। किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया की बातों पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें।
सरकार का दावा
भारत सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है, जो पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना। भारत ने दिसंबर 2025 तक 20% ब्लेंडिंग का टारगेट हासिल कर लिया, जो 2030 के मूल लक्ष्य से 5 साल पहले था। अप्रैल 2026 से पूरे देश में E20 स्टैंडर्ड फ्यूल बन गया है। शुद्ध पेट्रोल (E0) या E10 का विकल्प फिलहाल ज्यादातर जगहों पर उपलब्ध नहीं है। सरकार के अनुसार, E20 से विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और पर्यावरण को फायदा हुआ है।