नहीं रहे क्रिकेट से सबसे 'महान ऑलराउंडर' खिलाड़ी, 89 साल की उम्र में निधन, विराट-रोहित भी रह चुके हैं फैन

वेस्टइंडीज के 'महान ऑलराउंडर' खिलाड़ी गैरीफील्ड सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है। वो अपने देश के लिए साल 1954-1973 तक इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी। सोबर्स के निधन से खेल जगत में शोक की लहर है।

garfield sobers passes away at 89 west indies
महान ऑलराउंडर का 89 वर्ष की उम्र में निधन, विराट-रोहित भी थे फैन | Image: BCCI

क्रिकेट जगत से एक बेहद ही दुखद और बुरी खबर सामने आई है। वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरीफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सोबर्स का निधन तब हुआ है, जब करीब 2 सप्ताह बाद ही अपना 90वां जन्मदिवस मनाने वाले थे। वो अपने देश के लिए साल 1954-1973 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेले। उनका निधन वेस्टइंडीज के साथ-साथ क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ी छति से कम नहीं है। उनके निधन के बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। सोबर्स को 1975 में क्वीन एलिजाबेथ II ने नाइटहुड की उपाधि दी थी। बाद में 2000 में उन्हें विजडन के 20वीं सदी के पांच क्रिकेटरों में से एक चुना गया, जिससे खेल के सबसे बड़े आइकॉन में उनकी जगह पक्की हो गई।

दो दशक तक रहे वेस्टइंडीज की शान

सोबर्स ने 1954 से 1974 के बीच 93 टेस्ट मैचों में वेस्ट इंडीज़ के लिए खेला, जिसमें उन्होंने 57.78 के शानदार औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल हैं। गेंद से, बाएं हाथ के इस ऑलराउंडर ने 34.03 के औसत से 235 टेस्ट विकेट लिए, जिससे बाएं हाथ से तेज़-मीडियम, ऑर्थोडॉक्स स्पिन और रिस्ट स्पिन को बराबर असरदार तरीके से फेंकने की उनकी अनोखी काबिलियत का पता चला।

उनकी काबिलियत बैटिंग और बॉलिंग से भी आगे थी, सोबर्स ने क्रिकेट के सबसे अच्छे फील्डर्स और क्लोज-इन कैचर्स में से एक के तौर पर भी नाम कमाया। सोबर्स ने 1968 में नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। वे फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ही ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने यह कारनामा ग्लेमोर्गन के स्पिनर मैल्कम नैश के खिलाफ किया।

17 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू

सर गैरीफील्ड सोबर्स ने महज 17 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया था। साल 1954 से लेकर 1974 तक उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 93 मुकाबलों में 8,032 रन बनाए। इस दौरान उके बल्ले से 26 शतक और 30 अर्धशतक निकले। वहीं, गेंदबाजी में 235 विकेट अपने नाम किए। वनडे में उन्होंने सिर्फ एक मैच खेला, जिसमें उन्होंने एक विकेट लिया था।

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उनके शानदार करियर का एक अहम पल 1958 में आया जब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन बनाए, जो उस समय टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था। यह ऐतिहासिक पारी 36 साल तक वर्ल्ड रिकॉर्ड रही, जिसके बाद 1994 में इसे तोड़ा गया। सोबर्स को 1975 में क्वीन एलिजाबेथ II ने नाइटहुड की उपाधि दी थी। बाद में 2000 में उन्हें विजडन के 20वीं सदी के पांच क्रिकेटरों में से एक चुना गया, जिससे खेल के सबसे बड़े आइकॉन में उनकी जगह पक्की हो गई।

BCCI ने यूं किया सोबर्स को याद

सर गैरीफील्ड सोबर्स के निधन पर बीसीसीआई ने दुख जताते हुए लिखा 'सर गैरीफील्ड सोबर्स खेल के एक सच्चे आइकन और क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक थे। उनकी असाधारण उपलब्धियों, कैरेबियाई क्रिकेट पर उनके स्थायी प्रभाव और दुनिया भर के खेल में उनके योगदान ने एक ऐसी यादगार विरासत छोड़ी है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर के क्रिकेट जगत के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।'

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विराट-रोहित भी सर गैरीफील्ड सोबर्स के फैंस

बता दें कि बीसीसीआई ने जो एक्स पर वीडियो शेयर किया है, उसमें टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली से लेकर रोहित शर्मा और शुभमन गिल सर गैरीफील्ड सोबर्स से हैंड शेक कर रहे हैं। इस वीडियो में तत्कालीन हेड कोच राहुल द्रविड को भी देखा जा सकता है। 

Published By:
 Sahitya Maurya
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