अपडेटेड 18 January 2026 at 14:44 IST
कबूतरों की बीट, गंदे टॉयलेट, टूटी कुर्सियां... इंडिया ओपन 2026 में खुली अव्यवस्थाओं की पोल, तैयारियों पर उठ रहे सवाल
India Open 2026: भारत ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं और हालात पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गंदे टॉयलेट, टूटी कुर्सियों के अलावा रिपब्लिक को एरिना में प्रवेश करते समय फर्श पर बीयर की बोतलें और सिगरेट के टुकड़े भी पड़े मिले।
- खेल समाचार
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India Open 2026: इंडिया ओपन सुपर 750 अलग वजहों से सुर्खियों में बना हुआ है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को शर्मसार होना पड़ा है। पक्षियों की बीट से मैच रुकने, गंदे शौचालयों से लेकर टूटी कुर्सियों तक... लिस्ट काफी लंबी है। डेनमार्क की बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ड ने केडी जाधव कॉम्प्लेक्स के बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समझना बहुत मुश्किल है कि यहां विश्व चैंपियनशिप का आयोजन कैसे हो सकता है।
उनके बयान के बाद हंगामा मच गया। कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई। इस बीच सच्चाई का पता रिपब्लिक की टीम खुद घटनास्थल पर पहुंच गई।
ऐसी हालत में मिले शौचालय
घटनास्थल पर गंदगी साफ करने के लिए कर्मचारियों की संख्या तो बढ़ा दी गई थी, लेकिन तब भी शौचालय को नजरअंदाज कर दिया गया। जब रिपब्लिक ने स्टेडियम में प्रवेश किया और दर्शकों के लिए विशेष रूप से बने वॉशरूम का उपयोग करने गए, तो पाया कि वहां पर हर जगह रिसाव था, फर्श पर गंदा टॉयलेट पेपर पड़ा था और दीवारों पर दाग थे।
गंदे शौचालयों और टूटी कुर्सियों के अलावा, रिपब्लिक को एरेना में प्रवेश करते समय फर्श पर बीयर की बोतलें और सिगरेट के टुकड़े भी पड़े मिले।
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कबूतरों की बीट की वजह से रोका गया मैच
इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट कभी कबूतरों की बीट तो कभी बंदरों के स्टेडियम में आने से प्रभावित रहा। इससे पहले गुरुवार (15 जनवरी) को एचएस प्रणय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच पुरुष सिंगल्स के दूसरे दौर के मैच को चिड़िया की बीट के चलते दो बार मैच रोकना पड़ा था। मैच पहली बार तब रोका गया, जब भारतीय खिलाड़ी पहले गेम में 16-14 से आगे थे। इसके बाद निर्णायक गेम की शुरुआत में इसे फिर से रोका गया। जब प्रणय 1-0 से आगे थे। ऐसा लग रहा था कि छत से पक्षी की बीट गिरी थी।
वहीं, बुधवार को आयोजकों को तब और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब टूर्नामेंट के दौरान स्टैंड में एक बंदर दिखा था। स्पष्ट है कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बावजूद प्रबंधन ने उन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर दिया। इससे भारत को इंटरनेशनल लेवल पर शर्मसार होना पड़ा।
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Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 January 2026 at 14:31 IST