CWC 2026: भारत की झोली में एक और मेडल, कौन हैं राजा मुथुपांडी जिन्होंने सिल्वर जीतकर रचा इतिहास; फिर भी बोले- मैं निराश हूं...

ग्लासगो CWC 2026 में भारत के राजा मुथुपांडी ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता। इस खेल में यह भारत का तीसरा पदक था, जिसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या अब 4 हो गई है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Raja Muthupandi won Silver Medal in CWC 2026
राजा मुथुपांडी ने जीता सिल्वर मेडल | Image: X

Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जारी कॉमवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की झोली में एक और मेडल आ गया है। राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा है। राजा मुथुपांडी ने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम समेत कुल 286 किलोग्राम वजन उठाकर मेडल अपने नाम किया। वहीं, मलेशिया के अजनील बिदिन ने रिकॉर्ड 299 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

इतिहास रचने के बाद भी निराश क्यों हैं राजा मुथुपांडी?

सिल्वर मेडल जीतने के बाद भारतीय वेटलिफ्टर राजा मुथुपांडी ने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। जीत के बाद उनका पहला रिएक्शन आया, जिसमें उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से निराश हूं, क्योंकि मेरे कोच ने मुझ पर भरोसा किया था और उन्हें उम्मीद थी कि हम गोल्ड जीतने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि, मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।"

राजा ने इस जीत को अपने माता-पिता और अपने कोच विजय शर्मा को समर्पित किया और कहा कि मैं यहां सीखी गई बातों पर ध्यान दूंगा और अपनी ट्रेनिंग पर फोकस करूंगा। मैं अपने कोच के निर्देशों के अनुसार ट्रेनिंग करूंगा और आगे कड़ी मेहनत करूंगा।

कौन हैं राजा मुथुपांडी?

तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के रहने वाले 26 साल के राजा मुथुपांडी भारतीय रेलवे में एक एथलीट के तौर पर कार्यरत हैं। बचपन से ही वेटलिफ्टिंग का शौक रखने वाले राजा ने सिर्फ 18 साल की उम्र में 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में हिस्सा लेकर सबको प्रभावित किया था।

Advertisement

हालांकि, 2019 में कोहनी में आई गंभीर चोट और सर्जरी के बाद उनका करियर मुश्किल दौर से गुजरा। कोविड महामारी में रिहैब में रुकावट, 2022 बर्मिंघम खेलों से चूकना, पीलिया और अपेंडिसाइटिस जैसी स्वास्थ्य समस्याओं ने उन्हें लंबे समय तक ट्रेनिंग से दूर रखा, जिससे एक पल के लिए उन्होंने खेल छोड़ने तक का सोच लिया था।

सेहत में सुधार के बाद राजा ने जोरदार वापसी की और नेशनल चैंपियनशिप में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए एक बार फिर देश का नाम रोशन किया।

Advertisement

भारत ने अब तक जीते 4 मेडल

वेटलिफ्टिंग में यह भारत का तीसरा मेडल था। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या अब तक 4 हो गई।

मीराबाई चानू (गोल्ड मेडल): महिला 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा।

राजा मुथुपांडी (सिल्वर मेडल): पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में कुल 286 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर जीता।

चनांबम ऋषिकांत सिंह (सिल्वर मेडल): पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में स्नैच में नया रिकॉर्ड बनाते हुए सिल्वर अपने नाम किया।  

झंडू कुमार (ब्रॉन्ज मेडल): पैरा पावरलिफ्टिंग (हेवीवेट कैटेगरी) में भारत को पहला पदक दिलाते हुए कांस्य जीता।

यह भी पढ़ें: CWG 2026: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भारत को दिलाया पहला गोल्ड, PM मोदी ने भी दी बधाई

Disclaimer: इस आर्टिकल में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.