पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, Hylo Open 2026 जीतने वाली बनी पहली भारतीय महिला खिलाड़ी
पीवी सिंधु ने जर्मनी में HYLO ओपन 2026 का महिला सिंगल्स खिताब जीतकर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। खिताबी मुकाबले में उन्होंने डेनमार्क की लाइन कजर्सफेल्ड को सीधे गेमों में 21-12, 21-14 से एकतरफा मात दी। पूरे मैच के दौरान सिंधु ने अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन कोर्ट कवरेज से प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए रखी।
- खेल समाचार
- 3 min read

भारतीय बैडमिंटन जगत के लिए एक बार फिर गर्व का क्षण आया है। देश की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए HYLO ओपन 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार हैं।
फाइनल मुकाबले में डेनमार्क की खिलाड़ी को दी मात
रविवार को खेले गए रोमांचक महिला सिंगल्स के फाइनल में पीवी सिंधु का मुकाबला डेनमार्क की अनुभवी खिलाड़ी लाइन कजर्सफेल्ड से था। सिंधु ने शुरुआत से ही अपनी आक्रामक और सधी हुई रणनीति से विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने यह खिताबी मुकाबला सीधे गेमों में 21-12, 21-14 से अपने नाम किया। इस शानदार जीत के साथ ही सिंधु ने मौजूदा सीजन में अपना दूसरा प्रतिष्ठित BWF वर्ल्ड टूर खिताब भी हासिल कर लिया है।
फ्रेंच ओपन की हार को पीछे छोड़ की धमाकेदार वापसी
सिंधु के लिए यह जीत मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद खास है। ठीक एक सप्ताह पहले ही उन्हें फ्रेंच ओपन के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, जहाँ दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी एन से यंग ने उन्हें हराकर खिताब जीता था। उस निराशा से उबरते हुए सिंधु ने अगले ही टूर्नामेंट में जबरदस्त वापसी की और चैंपियन बनकर यह साबित कर दिया कि वह हार मानने वालों में से नहीं हैं। इससे पहले जुलाई के महीने में उन्होंने जापान ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था।
बिना एक भी गेम गंवाए तय किया फाइनल तक का सफर
पूरे टूर्नामेंट के दौरान पीवी सिंधु का प्रदर्शन अजेय और बेहद आक्रामक रहा। उन्होंने फाइनल तक के अपने सफर में एक भी गेम नहीं गंवाया। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत हमवतन प्रकृति भारत को सीधे गेमों में हराकर की। इसके बाद उन्होंने फ्रांस की रोसी ओक्टाविया पंचसारी और क्वार्टर फाइनल में जर्मनी की अमाली शुल्ज को आसानी से मात दी। मुकाबले में उन्होंने एक अन्य भारतीय खिलाड़ी अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी पक्की जगह बनाई।
Advertisement
कजर्सफेल्ड के खिलाफ मजबूत रहा रिकॉर्ड
दूसरी ओर, डेनमार्क की लाइन कजर्सफेल्ड को फाइनल तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। सेमीफाइनल में उन्होंने 82 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में चार मैच पॉइंट बचाकर जीत दर्ज की थी। लेकिन फाइनल में उनका सामना पीवी सिंधु से था, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर था। मुकाबले से पहले दोनों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड सिंधु के पक्ष में 6-1 था। इस साल इंडोनेशिया मास्टर्स में भी भारतीय स्टार ने कजर्सफेल्ड को शिकस्त दी थी।
ये भी पढ़ें - गायत्री मंत्र संपूर्ण परिवर्तन का मार्ग... अखंड ज्योति के 100 वर्ष पूरे होने पर बोले अमित शाह