PV Sindhu ने जापान ओपन जीतकर रचा इतिहास, फाइनल में अकाने यामागुची को हराया; ऐसा कारनामा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं
भारतीय बैडमिंटन की शान पीवी सिंधु ने एक बार फिर दुनिया में देश का डंका बजाया है। सिंधु ने जापान ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान की मजबूत खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे सेटों में 21-17, 21-17 से हरा दिया। इस दमदार जीत के साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।
- खेल समाचार
- 2 min read

भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू ने अपने शानदार खेल के दम पर एक बार फिर दुनिया भर में तिरंगा लहराया है। सिंधू ने अपने लंबे खिताबी सूखे को खत्म करते हुए जापान ओपन 2026 (BWF सुपर-750) का महिला एकल खिताब अपने नाम कर लिया है। टोक्यो में खेले गए इस ब्लॉकबस्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की मजबूत खिलाड़ी और विश्व नंबर-तीन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से करारी शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंधू जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
करीब 7 साल बाद जीता कोई बड़ा खिताब
सिंधू के करियर के लिहाज से यह जीत बेहद खास और भावुक करने वाली है। उन्होंने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था, जिसके बाद से वे एक बड़ी ट्रॉफी का इंतजार कर रही थीं। अगर सुपर-750 या उससे बड़े स्तर के टूर्नामेंट्स की बात करें, तो सिंधू के हाथों यह कामयाबी करीब सात साल बाद आई है। इससे पहले उन्होंने साल 2019 की विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
दबाव में बिखरने के बजाय निखरे खेल के तेवर
लगभग 50 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सिंधू ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। एक समय पर स्कोर 17-17 से बराबर था और मैच किसी भी तरफ पलट सकता था। लेकिन सिंधू ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और निर्णायक पलों में लगातार चार बेहतरीन अंक बटोरते हुए पहला गेम 21-17 से अपने पक्ष में कर लिया।
दूसरे गेम में भी रखा दबदबा कायम
पहला गेम जीतने के बाद सिंधू का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था। दूसरे गेम में उन्होंने यामागुची को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सिंधू ने शुरुआत से ही बढ़त बनाना शुरू किया और स्कोर को पहले 8-3, फिर 14-7 और देखते ही देखते 16-12 तक पहुंचा दिया। उनके तेज तर्रार स्मैश, सटीक प्लेसमेंट और बेहतरीन डिफेंस के आगे जापानी खिलाड़ी लाचार नजर आईं। आखिरकार सिंधू ने दूसरा गेम भी 21-17 से जीतकर खिताबी मुकाबला अपने नाम किया। सिंधू की यह फॉर्म भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है।