मां कुश्ती मेरे से जीती... मैं हार गई, विनेश फोगाट का छलका दर्द, भावुक पोस्ट पढ़ रो देंगे आप
Vinesh Phogat Retires From Wrestling: विनेश फोगाट ने संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, मां कुश्ती जीती और मैं हार गई।
- खेल समाचार
- 3 min read

Vinesh Phogat Retires From Wrestling: पेरिस ओलंपिक 2024 से भारतीय फैंस के लिए एक के बाद एक परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कुश्ती को हमेशा के लिए छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने पेरिस ओलंपिक के फाइनल से पहले अयोग्य घोषित होने के बाद ये बड़ा ऐलान किया। विनेश ने रिटायरमेंट की जानकारी देते हुए एक भावुक पोस्ट किया जिसे पढ़कर करोड़ों भारतीय फैंस भी इमोशनल हो रहे हैं।
विनेश फोगाट को महिलाओं की 50 किलोग्राम कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले तय सीमा से अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित किया गया। इससे पहले भारतीय महिला पहलवान ने एक ही दिन में दुनिया के तीन धुरंधर रेसलर्स को चारों खाने चित कर इतिहास रचा था। विनेश फोगाट ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनी थी, लेकिन गोल्ड मेडल जीतने का सपना देख रहीं विनेश को अगले दिन सुबह बड़ा झटका लगा।
विनेश फोगाट ने किया भावुक पोस्ट
विनेश फोगाट ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ''मां कुश्ती मेरे से जीत गई और मैं हार गई। माफ करना आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत अब नहीं रही। अलविदा कुश्ती, आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी, माफी।''

Advertisement
पेरिस ओलंपिक से डिस्क्वालिफाई होने की खबर के बाद विनेश फोगाट के तमाम फैंस ऐसे ही सदमे में थे और अब उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेकर उनके दिल को पूरी तरह से तोड़ दिया है।
क्यों अयोग्य हुईं विनेश फोगाट?
बता दें कि विनेश फोगाट को कुश्ती कैटेगरी में तय सीमा से अधिक वजन होने के कारण डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। कुश्ती के नियमानुसार मैच वाले दिन हर रेसलर्स का वजन नापा जाता है। भारत की विनेश फोगाट 50 किलोग्राम कैटेगरी में थीं। बुधवार, 7 अगस्त को सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर जब उनका वजन किया गया तो वो 50 किलो से 100 ग्राम ज्यादा थीं। इसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। ये सबकुछ तब हुआ जब पूरा देश विनेश फोगाट के फाइनल मैच का इंतजार कर रहा था। पेरिस ओलंपिक में सिल्वर तो पक्का था ही लेकिन विनेश के लिए फैंस गोल्ड मेडल जीतने की दुआ मांग रहे थे। खैर, किस्मत को कुछ और मंजूर था। गोल्ड या सिल्वर तो दूर की बात है विनेश फोगाट को खाली हाथ लौटना पड़ेगा। उससे भी दुख की बात ये है कि विनेश को हमेशा इस बात का गम रहेगा कि जिस मैच का वो सालों से इंतजार कर रहीं थीं, वो उनके करीब आकर भी बहुत दूर निकल गया।