'उस रात मर सकती थीं विनेश फोगाट', कोच का सनसनीखेज खुलासा, बताई फाइनल से पहले की पूरी कहानी
विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) की सिल्वर मेडल की मांग खारिज होने के बाद उनके कोच वॉलर अकोस ने सोशल मीडिया पर उस स्याह रात की सच्चाई शेयर की जब विनेश मर भी सकती थी।
- खेल समाचार
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Vinesh Phogat: पेरिस ओलंपिक में महिला कुश्ती स्पर्धा में विनेश फोगाट ने जिस वक्त सेमीफाइनल मुकाबले में क्यूबा की पहलवान को पटखनी देकर फाइनल में अपनी दावेदारी सुनिश्चित की थी ऐसा लग रहा था कि बस कल भारत की झोली में पहला गोल्ड आ जाएगा। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
फाइनल मुकाबले से पहले जब विनेश का वजन किया गया तो वो 100 ग्राम ओवर वेट निकली। जिसके चलते उन्हें डिस्क्वालिफाई करार दे दिया गया। इसके बाद विनेश ने CAS से सिल्वर मेडल की मांग की। लेकिन उनकी इस मांग को भी खारिज कर दिया गया। अब इन सारी दुखद घटनाओं के बाद विनेश फोगाट के कोच ने सोशल मीडिया पर बड़ा खुलासा किया। लेकिन कुछ ही देर बाद उस पोस्ट को डिलीट भी कर दिया।
विनेश के कोच ने पोस्ट शेयर कर सुनाई उस काली रात की कहानी
विनेश फोगाट के कोच वॉलर अकोस ने फेसबुक पर विनेश के वजन बढ़ने और उसे कम करने की कोशिश के बारे में लंबा पोस्ट किया। हालांकि, उन्होंने इसे बाद में डिलीट भी कर दिया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक हंगरी में एक फेसबुक पोस्ट में, जिसे बाद में उन्होंने हटा लिया, अकोस ने विनेश फोगट के वजन कम करने पर प्रकाश डाला। अकोस ने लिखा, ‘सेमीफाइनल के बाद, 2.7 किलोग्राम अतिरिक्त वजन था; हमने एक घंटे और बीस मिनट तक व्यायाम किया, लेकिन 1.5 किलोग्राम अभी भी बचा था। उसके शरीर पर पसीने की एक बूंद भी नहीं दिखाई दी।’
कोच ने आगे लिखा, 'कोई विकल्प नहीं बचा था, और आधी रात से सुबह 5:30 बजे तक, उसने अलग-अलग कार्डियो मशीनों और कुश्ती के मूव्स पर काम किया, एक बार में लगभग तीन-चौथाई घंटे, दो-तीन मिनट के आराम के साथ उसने फिर से एक्सरसाइज शुरू कर दी। वह गिर गई, लेकिन किसी तरह हमने उसे उठाया, और उसने सॉना में एक घंटा बिताया। मैं जानबूझकर ऐसा नहीं लिख रहा, लेकिन मुझे केवल यह याद है कि मैं सोच रहा था कि वह मर सकती है।
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आखिरी दम तक लड़ी विनेश
बॉलर अकोस ने उस काली रात के बारे में आगे लिखा कि, ‘रात में अस्पताल से लौटते वक्त हमारी (विनेश और कोच) बातचीत बेहद दिलचस्प थी। तब विनेश ने कहा था कि कोच आप दुखी मत होइए। आपने मुझसे कहा था कि जब मैं खुद को मुश्किल हालात में पाऊं और मुझे अतिरिक्त ताकत की जरूरत लगे तो मुझे बस ये सोचना चाहिए कि मैंने बेस्ट महिला पहलवान (जापान की यूई सुसाकी) को हराया है। मैंने अपना लक्ष्य पा लिया। मैंने साबित कर दिया है कि मैं दुनिया की बेस्ट पहलवानों में से एक हूं। हमने साबित किया हमारा गेमप्लान सही था। मेडल और पोडियम तो बस ऑब्जेक्ट है, हमसे हमारा परफॉर्मेंस कोई नहीं छीन सकता।’
आखिरी लड़ाई हारीं विनेश
आपको बता पेरिस ओलंपिक में महिला 50 किलो वर्ग कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल से पहले 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण विनेश फोगाट को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया था। विनेश ने इसके खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CAS) में संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल की मांग की थी। लेकिन विनेश की इस मांग को खारिज कर दिया गया और इस तरह विनेश अपनी आखिरी लड़ाई हार गईं।