Paris Olympics में गजब हो गया, औरत से भिड़ेगा आदमी! सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर काटा बवाल
2024 पेरिस ओलंपिक में एक बड़ा विवाद देखने को मिला है। दरअसल इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने दो ट्रांसजेंडर बॉक्सर्स को महिला कैटेगिरी में खेलने की अनुमति दी है।
- खेल समाचार
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Paris Olympics 2024: खेलों के महाकुंभ ओलंपिक (Olympics) का जादू पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस (Paris) में जारी 2024 ओलंपिक खेलों (Olympics Games 2024) का रोमांच अब चरम पर है, क्योंकि आए दिन रोमांचक मैच देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इस बीच बड़ा विवाद हो गया है।
2024 पेरिस ओलंपिक को शुरू हुए करीब एक हफ्ता हो चला है और इस दौरान आपने एक से बढ़कर एक मैच देख होंगे। चाहे पुरुषों के इवेंट की बात हो या महिलाओं के। हर खिलाड़ी और हर एथलीट ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। एक शेर था तो सामने वाला सवा शेर, लेकिन आने वाले दिनों में आपको जो देखने को मिलने वाला, उसे देखकर आप माथा पिटने लगेंगे, क्योंकि पेरिस ओलंपिक में कुछ दिनों में औरत से आदमी की भिड़ंत होने वाली है और वो भी बॉक्सिंग जैसे खतरनाक खेल में।
दरअसल 2024 पेरिस ओलंपिक में दो ऐसे मुक्केबाजों को खेलने की परमिशन मिली है, जो ट्रांसजेंडर हैं और ये महिलाओं के बॉक्सिंग इवेंट में हिस्सा लेंगे। ये दो ट्रांसजेंडर मुक्केबाज अल्जीरिया के इमाने खलीफ और ताइवान के लिन यू टिंग हैं, जो मौजूदा 2024 पेरिस ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं।
बड़ी बात ये है कि इन दोनों को जेंडर टेस्ट कराने में विफल होने के बाद पिछले साल महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, लेकिन इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) की बॉक्सिंग यूनिट ने इन्हें प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी है। इस पर अब जमकर विवाद हो रहा है। लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर बवाल काटा है। इसे महिलाओं के साथ धोखा बताया जा रहा है। एक यूजर ने तो एक पुरुष द्वारा महिला के साथ हिंसा को ओलंपिक स्पोर्ट करार देते हुए IOC पर तंज कसा है।
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सोशल मीडिया पर अल्जीरिया के इमाने खलीफ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो 2020 टोक्यो ओलंपिक का बताया जा रहा है। इसमें वो महिलाओं के लाइटवेट क्वार्टर फाइनल बॉक्सिंग मैच के दौरान आयरलैंड की केली ऐनी हैरिंगटन का सामना करते नजर आ रहे हैं और उन पर हावी दिख रहे हैं। इस मैच का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। लोग भड़ास निकाल रहे हैं और इमाने खलीफ की ओलंपिक में भागीदारी पर सवाल उठा रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा-
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ये अपमानजनक है, महिला मुक्केबाजों को धोखा दिया जा रहा है। ये बेहतर प्रदर्शन के लिए दवाओं का उपयोग करने वाले किसी व्यक्ति से अलग नहीं है।
एक यूजर ने तो ये कह दिया कि
ये एक और कारण है, जिसकी वजह से वो पेरिस ओलंपिक नहीं देख रहा हूं।
एक यूजर ने साफ कहा कि महिलाओं को आवाज उठानी चाहिए। उसने कहा-
यह महिलाओं की गलती है। हर महिला तब तक लड़ने से इंकार कर सकती है जब तक कि इस व्यक्ति को अयोग्य घोषित न कर दिया जाए। ऐसा होने पर मेजबान प्रतिस्पर्धा न होने, पैसा न आने से इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बता दें कि अल्जीरिया के इमाने ख़लीफ पेरिस ओलंपिक में अपना पहला मैच 1 अगस्त को खेलेंगे और उनका सामना इटली की एंजेला कैब्रिनी से होगा। अल्जीरिया की इमाने खलीफ महिलाओं के अंडर 66 किग्रा वर्ग, जबकि ताइवान की लिन यू टिंग शनिवार को अंडर 57 किग्रा वर्ग में उज्बेकिस्तान की सितोरा टर्डिबेकोवा से भिड़ेंगी। आपको बता दें कि इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) ने दावा किया है कि इन मुक्केबाजों के गुणसूत्र परीक्षण में महिला के XX के बजाय XY आया, जो आमतौर पर पुरुष का गुणसूत्र होता है, लेकिन बावजूद इसके IOC ने अनुमति दी है, जो विवाद का कारण बन रहा है। इस पर अब ओलंपिक में हिस्सा ले रही महिला मुक्केबाज भी सवाल उठाने लगी हैं।
ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज केटलिन पार्कर ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका मानना है कि पेरिस में अपने साथियों में से एक के साथ संभावित मुकाबले से पहले लिंग पात्रता परीक्षण में असफल रहने वाले दो मुक्केबाजों को ओलंपिक की मंजूरी दिए जाना अविश्वसनीय रूप से खतरनाक है।