अपडेटेड September 5th 2024, 23:52 IST
Paris Paralympics: भारतीय तीरंदाज हरविंदर सिंह और पूजा जटियां ने पोलैंड की टीम को सीधे सेटों में हराकर पेरिस पैरालम्पिक रिकर्व मिश्रित टीम ओपन के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया । चौथी और पांचवीं वरीयता प्राप्त टीमों के मुकाबले में पोलैंड की मिलेना ओलेवस्का और लुकाज सिसजेक निरंतरता के लिये जूझते रहे जबकि हरविंदर और पूजा ने लय बनाये रखी ।
भारत के लिये पेरिस पैरालम्पिक में राकेश कुमार और शीतल देवी ने कंपाउंड मिश्रित टीम ओपन स्पर्धा में कांस्य पदक जीता जबकि हरविंदर पैरालम्पिक तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए ।
पहले सेट में सिसजेक ने सात और छह स्कोर किया जिसका खामियाजा पोलैंड को भुगतना पड़ा । भारतीय जोड़ी ने 35 . 32 से जीत दर्ज की । दूसरा सेट भी भारतीय जोड़ी ने 33 . 32 से जीता जबकि तीसरे में 36-32 से जीत मिली। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने आस्ट्रेलिया के टेमोन केंटोन स्मिथ और अमांडा जेनिंग्स को शूटआफ में हराया था। पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय टीम ने आस्ट्रेलियाई जोड़ी के कमजोर प्रदर्शन का फायदा उठाकर 4 . 0 से बढत बना ली । उन्होंने पहले दो सेट 31 . 18, 35 . 24 से जीते ।
अगले दो सेट उन्होंने 27 . 33, 24 . 33 से गंवा दिये । शूटआफ में उन्होंने 16 . 5 से जीत दर्ज की । रिकर्व ओपन वर्ग में तीरंदाज 10 संकेंद्रित वृत्तों से बने 122 सेमी के लक्ष्य पर 70 मीटर की दूरी पर खड़े होकर निशाना साधते हैं, जिसमें केंद्र से बाहर की ओर 10 अंक से लेकर 1 अंक तक स्कोर होता है। हरियाणा के एक किसान परिवार से आने वाले हरविंदर की उम्र महज डेढ़ साल थी, जब उन्हें डेंगू हो गया और उन्हें दिए गए कुछ इंजेक्शन के साइड इफेक्ट के कारण उनके पैर खराब हो गए।
पूजा मंगलवार को व्यक्तिगत क्वार्टर फाइनल में हार गई थी। पूजा 1997 में सिर्फ दो महीने की थी, तब वह चिकित्सकों की लापरवाही का शिकार हो गई थी । उसे तेज बुखार के लिए गलत इंजेक्शन लगाया गया था जिसके कारण उसके बाएं पैर में पोलियो हो गया था।
पब्लिश्ड September 5th 2024, 23:52 IST