उदीयमान जूनियर पहलवानों के लिए सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में छाप छोड़ने का मौका
शीर्ष पहलवानों की गैरमौजूदगी में जूनियर और युवा पहलवानों के पास सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में अपनी छाप छोड़ने का मौका होगा।
- खेल समाचार
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ओलंपियन और रेलवे के शीर्ष पहलवानों की अनुपस्थिति में जूनियर और युवा पहलवानों के पास शुक्रवार से बेंगलुरु में शुरू हो रही सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में अपनी छाप छोड़ने और राष्ट्रीय शिविर में जगह बनाने की संभावना प्रबल करने का मौका होगा।
पेरिस खेलों के ओलंपिक पदक विजेता अमन सेहरावत को इस वार्षिक प्रतियोगिता में भाग लेना था लेकिन उन्होंने नाम वापस ले लिया है। वह रेलवे में कार्यरत हैं जिसने टूर्नामेंट के लिए अपनी टीम को नहीं भेजने का फैसला किया है।
हर साल की तरह हरियाणा के 28 पहलवानों के विभिन्न श्रेणियों में भाग लेने के साथ चैंपियनशिप पर हावी होने की उम्मीद है।
अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता मणिपुर की वाई मीनाक्षी देवी (महिला 50 किग्रा), जूनियर एशियाई कुश्ती चैंपियन बिपाशा (72 किग्रा) और पिछले साल एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा करने वाली राधिका (68 किग्रा) पर महिला वर्ग सभी की नजरें रहेंगी।
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हरियाणा की ज्योति 53 किग्रा वर्ग में पदक के दावेदारों में शामिल हैं। सीनियर एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता दिल्ली की सुषमा शौकीन भी 53 किग्रा वर्ग में भाग लेंगी।
अर्जुन पुरस्कार विजेता और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता हरियाणा के सुनील डाबरपुरिया 87 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में भाग लेंगे जबकि अनुज कुमार 70 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगे। पिछले साल पुरुषों की फ्रीस्टाइल 61 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक विजेता मध्य प्रदेश के ललित कौशल इस बार फिर प्रतिस्पर्धा करेंगे।