Paris Olympics में करना है कमाल तो भारतीय हॉकी टीम को माननी चाहिए पूर्व कप्तान की ये सलाह

Paris Olympics: आठ बार के स्वर्ण पदक विजेता भारत ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर 41 साल के पदक के सूखे को खत्म किया था।

Follow : Google News Icon  
India Men's Hockey Team
India Men's Hockey Team | Image: PTI

पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा का मानना है कि अगर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को आगामी पेरिस ओलंपिक में पोडियम पर पहुंचना है तो उसे अनावश्यक पेनल्टी कॉर्नर गंवाने की अपनी आदत से छुटकारा पाना होगा।

आठ बार के स्वर्ण पदक विजेता भारत ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर 41 साल के पदक के सूखे को खत्म किया था। भारत पेरिस ओलंपिक में गत चैंपियन बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड और आयरलैंड के साथ कठिन पूल बी में है।

रस्किन्हा ने मंगलवार को यहां ‘स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ मुंबई’ द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा के दौरान कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला के साथ-साथ एफआईएच प्रो लीग के पिछले कुछ मैचों में उन्होंने बहुत अधिक पेनल्टी कॉर्नर दिये हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ रक्षापंक्ति पर निर्भर नहीं रहता है। एक बार जब आप गेंद से कब्जा गवां देते हैं, तो गेंद के आगे रहने वाला प्रत्येक खिलाड़ी रक्षा पंक्ति का खिलाड़ी बन जाता है।’’ रस्किन्हा ने कहा, ‘‘ अगर आप एक टीम के रूप में बचाव करते हैं और एक टीम के रूप में आक्रमण करते हैं, तो हर किसी को अपनी भूमिका निभानी होती है।’’

Advertisement

इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि टीम को निर्णायक क्षणों में दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश और रक्षा पंक्ति पर निर्भर रहना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ आप ठोस रक्षा पंक्ति  और एक बेहतरीन कीपर के बिना टूर्नामेंट नहीं जीत सकते। मैं कहूंगा कि श्रीजेश के कंधों पर बहुत ज्यादा बोझ है और हरमनप्रीत (सिंह) को रक्षा पंक्ति को मजबूत देनी होगी।’’

Advertisement

इसे भी पढ़ें: 'बाबर आजम को तो नेपाल भी कर देगा रिजेक्ट', पाकिस्तान कप्तान की ऐसी बेइज्जती किसी ने नहीं की होगी

Published By :
Ritesh Kumar
पब्लिश्ड