MS Dhoni: 12 मार्च तक धोनी को जमा करने होंगे 10 लाख रुपये, मद्रास HC ने 100 करोड़ के मानहानि मामले में ऐसा आदेश क्यों दिया?
MS Dhoni defamation suit: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2013 बेटिंग स्कैंडल मामले में मद्रास हाई कोर्ट में 100 करोड़ के मानहानि का केस दायर किया है। अब कोर्ट ने धोनी को ही 10 लाख रुपए जमा कराने का आदेश दिया है।
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MS Dhoni defamation suit: आईपीएल 2026 से पहले, आईपीएल 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। भारतीय क्रिकेट से लेकर आईपीएल के सबसे सफल कप्तान के ऊपर एक मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी संपत कुमार के खिलाफ दायर मामले से संबंधित डिक्स को ट्रांसलेट करने के खर्च के तौर पर 10 लाख रुपये जमा करने को कहा है। धोनी को ये पैसे उनके द्वारा सबूत के तौर पर पेश किए गए डिस्क को डिकोड करने में खर्च के लिए मांगा गया है। धोनी को 12 मार्च तक इस रकम को जमा करना होगा।
धोनी को देना होगा 10 लाख रुपये
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आर.एन. मंजुला ने कहा 'मामले से संबंधित सीडी को ट्रांसलेट करने के लिए एक अनुवादक और एक टाइपिस्ट दोनों को अपना पूरा समय देना होगा, जिसमें लगभग तीन से चार महीने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अनुवादित दस्तावेजों की प्रतिलिपि बनाने में अतिरिक्त खर्च आएगा।' इसके बाद जस्टिस आर.एन. मंजुला धोनी को 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
धोनी को कब तक जमा करने हैं पैसे?
साल 2013 बेटिंग स्कैंडल मामले को आगे बढ़ाने के लिए धोनी को 10 लाख रुपये 12 मार्च, 2026 तक चीफ जस्टिस के रिलीफ फंड में जमा करनी होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि धोनी ने 2013 में दो मीडिया ऑर्गनाइजेशन, एक जर्नलिस्ट और एक रिटायर्ड IPS ऑफिसर के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2013 के आईपीएल सीजन के दौरान उन्हें बेटिंग और मैच-फिक्सिंग में नाम जोड़कर बदनाम किया गया था। हालांकि, धोनी ने बेटिंग और मैच-फिक्सिंग में होने शामिल होने से इनकार किया है।