गले लगाना, टच करना और होटल रूम में एंट्री... IPL में हनी ट्रैपिंग का खतरा देख BCCI ने इन एक्टिविटी पर लगाया बैन; मालिकों पर भी पाबंदियां
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दौरान अनुशासन और सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है।
- खेल समाचार
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दौरान अनुशासन और सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने गुरुवार को सभी 10 फ्रेंचाइजियों को 8 पन्नों की विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, टीम अधिकारियों और फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए सख्त प्रोटोकॉल तय किए गए हैं।
आईपीएल में हनी ट्रैप के खतरे को देखते हुए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ के सदस्यों और टीम अधिकारियों के होटल के कमरों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। बीसीसीआई (BCCI) सचिव देवाजीत सैकिया ने उन परिस्थितियों को लेकर भी सावधान किया, जिनसे गंभीर आरोप लग सकते हैं, जिनमें यौन दुर्व्यवहार से जुड़े मामले भी शामिल हैं। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी बिना टीम मैनेजर की अनुमति के अपने होटल रूम में बाहरी लोगों को बुला रहे थे।
वेपिंग और ई-सिगरेट पर पूरी तरह बैन
रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) करने वाले मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए BCCI ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट के वेन्यू, होटल और ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित है। निर्देश में कहा गया है कि ई-सिगरेट पीना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह भारतीय कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध भी हो सकता है।
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बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर कोई खिलाड़ी या स्टाफ प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने हर सदस्य को इस बारे में कड़ाई से सूचित करें।
फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए भी सख्त कानून
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बोर्ड ने फ्रेंचाइजी मालिकों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है। कुछ मालिक लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों से बातचीत करने, उन्हें गले लगाने या डगआउट और ड्रेसिंग रूम में जाने की कोशिश करते पाए गए। बीसीसीआई ने इसे साफ तौर पर प्रोटोकॉल उल्लंघन बताया है। अब मैच के दौरान किसी भी फ्रेंचाइजी मालिक या उनके प्रतिनिधि को खिलाड़ियों व टीम अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एक्सेस (PMOA)’ प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।
क्या होता है PMOA प्रोटोकॉल?
- IPL में फिक्सिंग और भ्रष्टाचार रोकने के लिए 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' (PMOA) बनाया जाता है। इसमें ड्रेसिंग रूम, डगआउट और मैच से जुड़े खास इलाके शामिल होते हैं।
- यहां केवल खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ और अनुमति प्राप्त मैच अधिकारियों को एंट्री मिलती है।
- इस एरिया में मोबाइल फोन और किसी भी कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल प्रतिबंधित होता है।
- टीम मालिक भी टॉस के बाद डगआउट या ड्रेसिंग रूम में नहीं जा सकते।राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर 10 अप्रैल को गुवाहाटी में RCB के खिलाफ मैच के दौरान डगआउट के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करते दिखे थे।
क्या होता है हनी ट्रैप?
अब सवाल उठता है कि आखिर ये 'हनी ट्रैप' होता क्या है? अगर आपको भी नहीं पता तो उसका जवाब हम लेकर आए हैं। हनी ट्रैप एक जासूसी या आपराधिक प्रकिया है। जिसके तहत खास व्यक्ति को प्रेम, शारीरिक आकर्षण या रोमांटिक रिश्तों का लालच देकर फंसाया जाता है। मुख्य रूप से इसका प्रयोग किसी शख्स को ब्लैकमेल करने, पैसा ठगने या गोपनीय/संवेदनशील जानकारी को उगलवाने लिए होता है।