World Cup के दौरान टूट गई थी इस खिलाड़ी की सगाई, कपिल ने संभाला फिर अगले मैच में हुआ कुछ ऐसा
भारत की वर्ल्ड कप 1983 विजेता टीम को 'कपिल डेविल्स' के नाम से भी जाना जाता है। उस विश्व कप को जिताने में टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों का कुछ ना कुछ योगदान जरूर रहा था।
- खेल समाचार
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World Cup Special: भारत में 'क्रिकेट के महाकुंभ' की तैयारी चल रही है। 5 अक्टूबर से दुनिया की 10 प्रमुख टीमें सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट वर्ल्ड कप जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने वाली है। हर बार की तरह इस बार भी टीम इंडिया खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। रोहित शर्मा एंड कंपनी वर्ल्ड कप 2023 की फेवरेट टीम है, लेकिन एक जमाना वो भी था जब भारतीय टीम पर कोई दांव नहीं लगाना चाहता था।
खबर से जुड़ी 3 अहम बातें
- कपिल देव की टीम ने 1983 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास
- वेस्टइंडीज के 'घमंड' को चकनाचूर कर जीता वर्ल्ड कप
- पहली बार 'क्रिकेट के मक्का' लॉर्ड्स में जीता था ODI
टूट गई थी इस खिलाड़ी की सगाई, फिर अगले मैच में हुआ ये...
भारत की वर्ल्ड कप 1983 विजेता टीम को 'कपिल डेविल्स' के नाम से भी जाना जाता है। उस विश्व कप को जिताने में टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों का कुछ ना कुछ योगदान जरूर रहा था। उस समय क्रिकेटर्स को कोई रोल मॉडल नहीं मानता था। खिलाड़ियों को ज्यादा पैसे भी नहीं मिलते थे।
1983 वर्ल्ड कप के बीच युवा तेज गेंदबाज बलविंदर सिंह संधु पर दुखों का पहाड़ टूटा था। सेमीफाइनल मैच से पहले उनकी सगाई टूट गई थी। इस बात का जिक्र '83' मूवी में भी किया गया है जो वर्ल्ड कप 1983 विनिंग टीम का हिस्सा रहे सभी खिलाड़ियों की सच्ची घटना पर आधारित है।
कपिल देव ने संधु को संभाला
सगाई टूटने के कारण बलविंदर सिंह संधु बहुत परेशान थे। अगले दिन सेमीफाइनल मैच में गेंदबाजी के दौरान वो लय में नहीं दिख रहे थे। कप्तान कपिल देव इस बात से बेखबर थे और वो हैरान थे कि संधु इस तरह से क्यों गेंदबाजी कर रहे हैं। जब कपिल को ये बात पता चला तो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मैच जीतने के बाद बलविंदर सिंह से बातचीत की।
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कपिल देव ने बलविंदर सिंह से कहा, ''हमारी पर्सनल जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा होता है, लेकिन इससे किसी को फर्क नहीं पड़ता, जब हम मैदान पर होते हैं तो हमारा फर्ज है कि हम जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दें। आज के मैच में आप जैसा प्रदर्शन करोगे वो जिंदगी भर सबको याद रहेगा।''
कपिल के समझाने के बाद बलविंदर सिंह संधु फाइनल खेलने के लिए मोटिवेट हुए और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन किया। पहले तो उन्होंने बल्ले से 22 रनों की कीमती पारी खेलकर टीम को 183 रनों तक पहुंचाया और उसके बाद वेस्टइंडीज के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज गॉर्डन ग्रिनिज को एक अविश्वसनीय गेंद डालकर पवेलियन की राह दिखाई।
ऑफ स्टंप के बाहर पिच हुई इस गेंद को ग्रिनिज ने आउट स्विंगर समझकर लीव करने का फैसला लिया। टप्पा खाने के बाद गेंद अंदर की तरफ मूव हुई और वेस्टइंडीज के ओपनर क्लीन बोल्ड हो गए। कई क्रिकेट एक्सपर्ट की मानें तो ये गेंद वर्ल्ड कप 1983 की सबसे अच्छी गेंद थी। देखें वीडियो