'बोलने तो दो यार...', बीच इवेंट में आखिर विराट कोहली ने ऐसा क्यों बोला, जानें क्या है पूरा मामला-VIDEO वायरल
Virat Kohli: क्रिकेट जगत में 'रन मशीन' के नाम से वर्ल्ड फेमस विराट कोहली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि वो बोल रहे हैं 'बोलने तो दो यार...'। आइए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों बोला।
- खेल समाचार
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Virat Kohli: सोमवार, 27 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आरसीबी की शानदार जीत के बाद स्टार खिलाड़ी विराट कोहली दिल्ली के आरके पुरम के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रिकेट एकेडमिक का उद्घाटन करने पहुंचे। इस उद्घाटन समारोह में कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा भी उनके साथ थे।
इस दौरान कोहली ने जब क्रिकेट एकेडमिक का उद्घाटन करके स्पीच देने के लिए माइक के सामने आए तो बच्चे आरसीबी-आरसीबी चिल्लाने लगे। इस बीच कोहली को बच्चों को शांत रहने की गुजारिश करनी पड़ी, लेकिन बच्चे लगातार आरसीबी-आरसीबी चिल्लाते रहे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
'प्लीज बोलने दो यार...'-विराट कोहली
दरअसल, आईपीएल 2026 के बिजी शेड्यूल के बीच विराट अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के लिए समय निकालकर कोहली दिल्ली के आरके पुरम के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रिकेट एकेडमी का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान जब विराट कोहली स्टेज पर बोलना शुरू किया तो उसके बाद बच्चे आरसीबी-आरसीबी चिल्लाने लगे।
बच्चों के लगातार चिल्लाने के बाद विराट कोहली ने मजिकिया अंदाज में कहा 'प्लीज बोलने दो यार। मुझे बुलाने के लिए शुक्रिया। मुझे स्कूल में बोलने की आदत नहीं है, इसलिए यह मेरे लिए थोड़ा अजीब होगा, क्योंकि मैं क्रिकेट के लिए बहुत पहले स्कूल सेटअप से दूर चला गया था और उसके बारे में बोलने जा रहा हूं।'
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कोहली की भावुक स्पीच
मंच से कोहली ने कहा 'मैदान पर तो मैं बहुत बोलता हूं, लेकिन यहां बोलना मेरे लिए थोड़ा अलग है। मैं भी कभी आप ही की तरह इस स्टेज पर था। मैंने बहुत कम उम्र में ही खेल को चुन लिया था, लेकिन वो फैसला पूरी ईमानदारी के साथ लिया गया था। मैंने अपने परिवार और अपने शिक्षकों को साफ बता दिया था कि मैं क्रिकेट को ही अपना करियर बनाना चाहता हूं।'
विराट ने दिया सफलता का मंत्र
विराट ने कहा '8 साल की उम्र से प्रैक्टिस शुरू की थी और आज भी जब समय मिलता है, तो वह अपनी एकेडमी जरूर जाते हैं क्योंकि उनका बचपन वहीं बीता है। आगे उन्होंने कहा 'शिक्षक आपको अपनी जिंदगी का एक हिस्सा दे रहे हैं, इसलिए उन्हें सम्मान और पूरा ध्यान देना बहुत जरूरी है।'