'तेरा 1 महीना फॉर्म खराब रहा, मैं 2 साल बाहर रहा...', वर्ल्ड कप जीत के बाद मीडिया के सामने ही क्यों भिड़ गए ईशान किशन और अभिषेक शर्मा?
T20 World Cup 2026 Final: टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के बीच हुई एक बातचीत ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों खिलाड़ियों ने अपने कठिन समय और संघर्ष के बारे में मीडिया से बताया।
- खेल समाचार
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T20 World Cup 2026 Final: भारतीय टीम के टी20 वर्ल्ड कप 2026 का किंग बनने के बाद मैदान से लेकर ड्रेसिंग रूम तक जश्न का माहौल है। इसी बीच ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के बीच हुई एक बातचीत ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब इन दोनों खिलाड़ियों से उनके कठिन समय और संघर्ष के बारे में सवाल किया गया, तो भावनाओं में बहने के बजाय दोनों एक-दूसरे की टांग खींचने लगे।
‘तेरा एक महीना, मेरे दो साल’
दरअसल, मीडिया ने दोनों खिलाड़ियों के उनकी खराब फॉर्म को लेकर सवाल किया। इस पर अभिषेक शर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस सवाल का जवाब वह ज्यादा बेहतर देंगे। बस फिर क्या था, ईशान किशन कहां चुप रहने वाले थे। ईशान ने तुरंत मोर्चा संभाला और कहा, ‘मैं भी जवाब दे सकता हूं भाई! तेरा तो सिर्फ एक महीना फॉर्म खराब रहा है, मैं तो दो साल तक टीम से बाहर रहा हूं।’
ईशान के मजाकिया अंदाज पर ही अभिषेक शर्मा ने कहा कि मेरा एक महीना का समय भी मुझे डेढ़ साल का ही लगा। दोनों खिलाड़ियों के यह बातचीत दिखाती है कि फिलहाल टीम के भीतर का माहौल कितना सकारात्मक है।
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घरेलू क्रिकेट में मेहनत कर वापस पाई जगह
मजाक-मजाक में ईशान किशन ने अपने उस दौर पर फोकस किया, जब वो खराब फॉर्म, हेल्थ और अन्य कारणों से टीम इंडिया से दूर हो गए। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत की और खूब पसीना बहाया, तब जाकर इस वर्ल्ड कप की टीम में उन्हे अपनी जगह वापस मिली।
अभिषेक के खराब फॉर्म पर भी टीम इंडिया का अटूट भरोसा
वहीं, दूसरी ओर अभिषेक शर्मा के लिए यह वर्ल्ड कप किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वह दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज के तौर पर उभरे थे, लेकिन वर्ल्ड कप के मुख्य मुकाबलों में उनका बल्ला खामोश हो गया। वह लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट हुए और एक समय ऐसा था जब उन्हें खुद पर भरोसा कम होने लगा था।
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हालांकि, इस दौरान भी टीम मैनेजमेंट और कप्तान ने उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने बताया कि जब उनके रन नहीं बन रहे थे, तब पूरा सपोर्ट स्टाफ और साथी खिलाड़ी उनके साथ खड़े थे और यही वजह रही कि वह फाइनल में खुद को साबित कर सके।
फाइनल में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड
इसके बाद तमाम आलोचनाओं और खराब फॉर्म के बाद अभिषेक शर्मा ने फाइनल जैसे बड़े मंच पर अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस पूरे टूर्नामेंट की सबसे तेज फिफ्टी रही। अभिषेक ने कुल 21 गेंदों में 52 रनों की पारी खेलकर भारत को वो शुरुआत दी, जिसकी जरूरत थी।