'कोई नहीं तोड़ सकता मेरा रिकॉर्ड', मुरलीधरन के 800 विकेट को छूना क्यों असंभव? दिग्गज ने बताई वजह
श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का दावा है कि कोई भी खिलाड़ी उनका टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सकता। उन्होंने इसकी वजह भी बताई।
- खेल समाचार
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Muttiah Muralitharan Record: श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने अपने टेस्ट रिकॉर्ड को लेकर बड़ा दावा किया है। दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का कहना है कि कोई भी खिलाड़ी उनका टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सकता।
साथ ही मुथैया मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंता जाहिक की है। मुथैया मुरलीधरन के नाम टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने का बड़ा रिकॉर्ज दर्ज है। इस फॉर्मेट में उनके आस-पास भी गेंदबाज मौजूद नहीं है। लिस्ट में दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन 530 विकेट और तीसरे नंबर पर भारत के आर अश्विन है जिन्होंने टेस्ट में 516 विकेट अपने नाम किए हैं।
टेस्ट क्रिकेट को लेकर चिंतित मुरलीधरन
श्रीलंका के लिए 133 टेस्ट मैच खेलने वाले मुरलीधरन ने सोमवार को 'डेली मेल' से कहा, 'मैं निश्चित रूप से टेस्ट क्रिकेट को लेकर चिंतित हूं। हर देश शायद केवल छह या सात टेस्ट मैच ही खेलेगा। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया एशेज खेल सकते हैं, लेकिन कुछ अन्य देशों में, बहुत से लोग इसे नहीं देख रहे हैं। बहुत कम टेस्ट क्रिकेट खेल जा रहा है।
मुरलीधरन के रिकॉर्ड को तोड़ना क्यों है मुश्किल ?
इस दिग्गज स्पिनर ने अपने 800 विकेटों के रिकॉर्ड पर कहा कि 'इसे तोड़ना बहुत मुश्किल है, क्योंकि अब सबका ध्यान शॉर्ट-फॉर्मेट क्रिकेट पर चला गया है। साथ ही, हमने 20 साल तक खेला है। अब करियर छोटे हो गए हैं।' मुरलीधरन ने 350 वनडे मैचों में 534 विकेट भी लिए हैं। उनका मानना है कि ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में जीत के कगार पर होने के बावजूद श्रीलंका ने सीरीज इसलिए गंवा दी क्योंकि उनके पास इस प्रारूप में खेलने के लिए आवश्यक निरंतरता नहीं थी।
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श्रीलंका ने गंवाई इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज
हाल ही में श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा लिया। तीसरा टेस्ट मैच श्रीलंका के पथुम निसंका के नाबाद शतक और तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की वजह से श्रीलंका के हक में रहा।
दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने आगे कहा कि 'समस्या निरंतरता की है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि खिलाड़ी कितने अच्छे हैं, क्योंकि वे सभी प्रतिभाशाली हैं। एकमात्र बात यह है कि वे कैसे अनुभवी बन सकते हैं? आजकल, यह मुश्किल है। उनके दिमाग में बहुत सारे टूर्नामेंट और चीजें हैं।' श्रीलंका ने आखिरी बार 1998 में ओवल में टेस्ट मैच जीता था, जब मुरलीधरन ने शानदार प्रदर्शन किया था।