बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ी का चोटिल होना किसी भी टीम के लिए परेशानी का सबब: कपिल
अपने जमाने के दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने कहा कि जसप्रीत बुमराह जैसे अंतर पैदा करने वाले खिलाड़ी का चोट के कारण बाहर हो जाना किसी भी टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
- खेल समाचार
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Champions Trophy: अपने जमाने के दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने कहा कि जसप्रीत बुमराह जैसे अंतर पैदा करने वाले खिलाड़ी का चोट के कारण बाहर हो जाना किसी भी टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
वर्ष 2024 में शानदार प्रदर्शन करने के कारण आईसीसी के टेस्ट और वर्ष का क्रिकेटर चुने गए बुमराह पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण मंगलवार को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए।
कपिल ने पीटीआई वीडियो के साथ साझा किए गए क्रिकेट अड्डा यूट्यूब चैनल से इंटरव्यू में कहा , ‘‘जसप्रीत बुमराह ने पिछले दो वर्षों में शानदार प्रदर्शन करके अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। मुझे नहीं लगता कि दुनिया के किसी अन्य तेज गेंदबाज ने उनकी तरह प्रभावशाली प्रदर्शन किया हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, अनिल कुंबले, जहीर खान जैसे मैच विजेता खिलाड़ियों का चोटिल हो जाना किसी भी टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मैं यही उम्मीद करता हूं कि बुमराह जल्द से जल्द वापसी करें क्योंकि एक बड़ा खिलाड़ी हमेशा बड़ा खिलाड़ी ही रहता है।’’
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कपिल ने स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘उसके पास योग्यता है और वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। जब भी कोई रहस्यमयी गेंदबाज टीम से जुड़ता है तो टीम पर उसका प्रभाव देखा जा सकता है। उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विरोधी टीम के बल्लेबाज उसकी गेंद को समझने और उन्हें खेलने में कितना समय लगाते हैं।’’
कपिल ने कहा, ‘‘लेकिन पिछले एक या दो वर्षों में उसने जिस तरह का प्रदर्शन किया है वह शानदार है।’’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड के कड़े निर्देश के कारण विराट कोहली और रोहित शर्मा को रणजी ट्रॉफी खेलनी पड़ी लेकिन कपिल को यह नागवार गुजरा। उन्होंने कहा,‘‘अगर आप विराट कोहली और रोहित शर्मा के 12 साल बाद रणजी ट्रॉफी में खेलने के बारे में पूछ रहे हैं कि क्या यह सही था। यह किसी भी तरह से अच्छा नहीं लगा। मेरे कहने का मतलब है कि अगर रोहित या कोहली रन बना रहे होते और भारत जीत हासिल करता तो क्या वे रणजी ट्रॉफी में खेलते। प्रदर्शन को मत देखिए व्यवस्था को मजबूत बनाईए।’’