अपडेटेड 6 March 2026 at 09:54 IST
बल्ले के बाद अब बार्बी के साथ रचा इतिहास, Smriti Mandhana बनीं दुनिया की पहली क्रिकेटर 'Barbie'
Smriti Mandhana: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, मशहूर खिलौना कंपनी मैटल ने स्मृति मंधाना के सम्मान में एक विशेष बार्बी डॉल लॉन्च की है। स्मृति मंधाना यह गौरव हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं।
- खेल समाचार
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Smriti Mandhana: भारतीय क्रिकेट के मैदान पर अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली स्मृति मंधाना ने अब एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने न केवल खेल जगत बल्कि सांस्कृतिक मंच पर भी भारत का मस्तक ऊँचा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, विश्व प्रसिद्ध खिलौना कंपनी मैटल ने स्मृति मंधाना को अपनी खास 'बार्बी' डॉल के रूप में सम्मानित किया है।
यह केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि एक इतिहास है। स्मृति मंधाना दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गई हैं, जिनके सम्मान में 'वन-ऑफ-ए-काइंड' बार्बी डॉल तैयार की गई है।
बार्बी ड्रीम टीम' में स्मृति मंधाना
मैटल कंपनी ने अपने नए वैश्विक अभियान "बार्बी ड्रीम टीम" के तहत उन महिलाओं को चुना है जिन्होंने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस सूची में दुनिया भर की दिग्गज महिला एथलीट्स शामिल हैं, जहां स्मृति मंधाना भारत का चेहरा बनी हैं।
यह डॉल स्मृति के सिग्नेचर लुक, उनकी खेल भावना और मैदान पर उनके जुझारूपन को दर्शाती है। यह पहल स्पष्ट करती है कि अब भारतीय महिला खिलाड़ी केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक ब्रांड्स के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बन चुकी हैं।
मैदान पर उपलब्धियों का अंबार
मंधाना के नाम कई ऐसे कीर्तिमान हैं जो उन्हें महान खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करते हैं। वह भारत की पहली महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक जड़ने का गौरव प्राप्त किया है।
दान पर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और शांत स्वभाव ने करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्मृति ने न केवल रन बनाए हैं, बल्कि भारत में महिला क्रिकेट की ब्रांड वैल्यू और लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
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सपनों को सच होते देखना - स्मृति मंधाना
इस सम्मान पर भावुक होते हुए मंधाना ने कहा, 'बचपन में मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मेरे जैसी दिखने वाली बार्बी डॉल बनाई जाएगी। यह मेरे लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं बढ़कर है।" उन्होंने यह भी साझा किया कि यह सम्मान उन सभी छोटी बच्चियों के लिए है जो हाथ में बल्ला थामने का सपना देखती हैं। यह डॉल इस बात का प्रतीक है कि लड़कियां जो चाहे, वो बन सकती हैं।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 6 March 2026 at 09:54 IST