आर्थिक तंगी से हैं परेशान! मां लक्ष्मी की पूजा करते समय करें लक्ष्मी महामंत्र का जाप, पढ़ें ये आरती
Maa Lakshmi Mantra: अगर आप मां लक्ष्मी की कृपा और आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो आपको उनकी पूजा करने के बाद इन मंत्रों का जाप और आरती करनी चाहिए।
- धर्म और अध्यात्म
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Maa Lakshmi Mantra: हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को विशेष स्थान दिया गया है। मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है। कहते हैं जहां माता लक्ष्मी का वास होता है वहां कभी धन की कमी नहीं होती है। अगर कोई व्यक्ति पूरे विधि-विधान से देवी लक्ष्मी की पूजा करता है तो माता उस पर और उसके घर-परिवार पर हमेशा अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती है।
वहीं, पूजा-पाठ के बावजूद की कई लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम मां लक्ष्मी की पूजा करते समय उनके विशेष मंत्रों व आरती का पाठ नहीं करते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि माता की पूजा का पूरा फल आपको मिले और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे तो इसके लिए आपको उनके कुछ विशेष मंत्रों के साथ-साथ माता की आरती भी पढ़नी चाहिए।
चलिए जान लेते हैं कि मां लक्ष्मी की पूजा करते समय आपको किन मंत्रों का जाप करना चाहिए, साथ ही जानते हैं मां लक्ष्मी की आरती के बारे में।
श्री लक्ष्मी महामंत्र
ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
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मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों का भी करें जाप
ॐ लक्ष्मी नम:।
ॐ धनायः नम:।
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ॐ लक्ष्मी नमो नमः।
लक्ष्मी नारायण नमः।
धनाय नमो नमः।
श्री लक्ष्मी बीज मन्त्र:।
मां लक्ष्मी प्रार्थना मंत्र
नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।
पूजा के बाद पढ़ें मां लक्ष्मी की ये आरती
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
मैया सुख संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
मैया तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता।
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।