अपडेटेड 12 February 2026 at 23:35 IST

Vijaya Ekadashi 2026 Mantra Jaap: विजया एकादशी पर करें भगवान विष्णु के 108 नामों का जाप, जीवन में होगी उन्नति और दूर होंगे कष्ट

Lord Vishnu Mantra Jaap: मान्यता है कि विजया एकादशी 2026 के दिन व्रत को रखने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और पारिवारिक जीवन में सफलता मिलती है। साथ ही मानसिक शांति और आत्मबल भी बढ़ता है।

Vijaya Ekadashi 2026 kab hai lord Vishnu 108 names mantra jaap brings happiness and success in life
भगवान विष्णु के 108 नामों का मंत्र जाप | Image: Freepik

Vijaya Ekadashi 2026 Lord Vishnu Names: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने आने वाली एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और हर कार्य में सफलता मिलती है।

कब है विजया एकादशी 2026?

  • एकादशी तिथि प्रारंभ - 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे से शुरू
  • एकादशी तिथि समाप्त - 13 फरवरी 2026 को दोपहर 02:25 बजे 
  • पारण का समय - 14 फरवरी 2026 - सुबह 7:00 बजे से 9:14 बजे तक रहेगा।

विजया एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है?

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  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 11 से लेकर सुबह 06 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। 
  • अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। 
  • विजय मुहूर्त  - दोपहर 02 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।

क्यों करें भगवान विष्णु के 108 नामों का जाप?

भगवान विष्णु के 108 नामों का जाप करने से मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। माना जाता है कि इससे पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। साथ ही यह जाप मनोकामनाओं की पूर्ति में भी सहायक माना जाता है।

भगवान विष्णु के 108 नाम कौन से हैं?

  1. ॐ विष्णवे नमः 
  2. ॐ जिष्णवे नमः 
  3. ॐ वषट्काराय नमः 
  4. ॐ देवदेवाय नमः 
  5. ॐ वृषाकपये नमः 
  6. ॐ दामोदराय नमः 
  7. ॐ दीनबन्धवे नमः
  8. ॐ आदिदेवाय नमः 
  9. ॐ अदितेः स्तुताय नमः
  10. ॐ पुंडरीकाक्षाय नमः 
  11. ॐ परानन्दाय नमः 
  12. ॐ परमात्मने नमः 
  13. ॐ परात्पराय नमः 
  14. ॐ परशुधारिणे नमः 
  15. ॐ विश्वात्मने नमः 
  16. ॐ कृष्णाय नमः 
  17. ॐ कलिमलापहारिणे नमः 
  18. ॐ कौस्तुभोद्भासितोरस्काय नमः 
  19. ॐ नराय नमः 
  20. ॐ नारायणाय नमः 
  21. ॐ हरये नमः 
  22. ॐ हराय नमः 
  23. ॐ हरिप्रियाय नमः 
  24. ॐ स्वामिने नमः 
  25. ॐ वैकुण्ठाय नमः 
  26. ॐ विश्वतोमुखाय नमः 
  27. ॐ हृषीकेशाय नमः 
  28. ॐ अप्रमेयात्मने नमः
  29. ॐ वराहाय नमः 
  30. ॐ धरणीधराय नमः 
  31. ॐ वामनाय नमः 
  32. ॐ वेदवक्त्रे नमः 
  33. ॐ वासुदेवाय नमः 
  34. ॐ सनातनाय नमः 
  35. ॐ रामाय नमः 
  36. ॐ विरामाय नमः 
  37. ॐ विरजाय नमः 
  38. ॐ रावणारये नमः 
  39. ॐ रमापतये नमः 
  40. ॐ वैकुण्ठवासिने नमः 
  41. ॐ वसुमते नमः 
  42. ॐ धनदाय नमः 
  43. ॐ धरणीधराय नमः 
  44. ॐ धर्मेशाय नमः 
  45. ॐ धरणीनाथाय नमः 
  46. ॐ धर्मभृतां वराय नमः 
  47. ॐ सहस्रशीर्षाय नमः 
  48. ॐ पुरुषाय नमः 
  49. ॐ सहस्राक्षाय नमः 
  50. ॐ सहस्रपदे नमः 
  51. ॐ सर्वगाय नमः 
  52. ॐ सर्वविदे नमः 
  53. ॐ सर्वाय नमः 
  54. ॐ शरण्याय नमः 
  55. ॐ साधुवल्लभाय नमः 
  56. ॐ कौसल्यानन्दनाय नमः 
  57. ॐ श्रीमते नमः 
  58. ॐ राक्षसकुलनाशकाय नमः 
  59. ॐ जगत्कर्त्रे नमः 
  60. ॐ जगद्धर्त्रे नमः 
  61. ॐ जगज्जेत्रे नमः 
  62. ॐ जनार्तिहराय नमः 
  63. ॐ जानकीवल्लभाय नमः 
  64. ॐ देवाय नमः 
  65. ॐ जयरूपाय नमः 
  66. ॐ जलेश्वराय नमः 
  67. ॐ क्षीराब्धिवासिने नमः 
  68. ॐ क्षीराब्धितनयावल्लभाय नमः 
  69. ॐ शेषशायिने नमः
  70. ॐ पन्नगारिवाहनाय नमः 
  71. ॐ विस्तरश्रवसे नमः 
  72. ॐ माधवाय नमः 
  73. ॐ मथुरानाथाय नमः 
  74. ॐ मुकुन्दाय नमः 
  75. ॐ मोहनाशनाय नमः 
  76. ॐ दैत्यारिणे नमः 
  77. ॐ पुंडरीकाक्षाय नमः 
  78. ॐ अच्युताय नमः 
  79. ॐ मधुसूदनाय नमः 
  80. ॐ सोमसूर्याग्निनयनाय नमः 
  81. ॐ नृसिंहाय नमः 
  82. ॐ भक्तवत्सलाय नमः 
  83. ॐ नित्याय नमः 
  84. ॐ निरामयाय नमः 
  85. ॐ शुद्धाय नमः 
  86. ॐ नरदेवाय नमः 
  87. ॐ जगत्प्रभवे नमः 
  88. ॐ हयग्रीवाय नमः 
  89. ॐ जितरिपवे नमः 
  90. ॐ उपेन्द्राय नमः 
  91. ॐ रुक्मिणीपतये नमः 
  92. ॐ सर्वदेवमयाय नमः 
  93. ॐ श्रीशाय नमः 
  94. ॐ सर्वाधाराय नमः 
  95. ॐ सनातनाय नमः 
  96. ॐ सौम्याय नमः 
  97. ॐ सौम्यप्रदाय नमः 
  98. ॐ स्रष्ट्रे नमः 
  99. ॐ विष्वक्सेनाय नमः
  100. ॐ जनार्दनाय नमः 
  101. ॐ यशोदातनयाय नमः 
  102. ॐ योगिने नमः 
  103. ॐ योगशास्त्रपरायणाय नमः 
  104. ॐ रुद्रात्मकाय नमः 
  105. ॐ रुद्रमूर्तये नमः 
  106. ॐ राघवाय नमः 
  107. ॐ मधुसूदनाय नमः 
  108. ॐ गोविन्दाय नमः
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विजया एकादशी 2026 व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत रखने से जीवन में सफलता और उन्नति मिलती है। इसके अलावा कर्ज, रोग और मानसिक तनाव से राहत मिलती है। साथ ही, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। इसी कारण इसे “विजया” यानी विजय दिलाने वाली एकादशी कहा जाता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 12 February 2026 at 23:35 IST