अपडेटेड 3 January 2026 at 16:30 IST
Vastu Tips For Happy Home: घर में कुल कितनी खिड़कियां होनी चाहिए? गलत दिशा बन सकती है दुर्भाग्य का कारण
Vastu Tips For Windows: अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बना रहे, तो खिड़कियों की संख्या और दिशा पर जरूर ध्यान दें। सही वास्तु के अनुसार बनी खिड़कियां न केवल घर को हवादार और रोशन बनाती हैं, बल्कि जीवन में संतुलन और खुशहाली भी लाती हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Correct Direction For Windows In Home According To Vastu: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर सिर्फ ईंट-पत्थर से बना ढांचा नहीं होता, बल्कि यह हमारी जिंदगी की ऊर्जा का केंद्र भी होता है। घर का हर हिस्सा जैसे मुख्य दरवाजा, रसोई, बेडरूम और खिड़कियां सीधे हमारे जीवन को प्रभावित करता है। खासतौर पर खिड़कियों को वास्तु में बहुत अहम माना गया है, क्योंकि इन्हीं से घर में सूरज की रोशनी, ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
अगर घर में सही जगह और सही संख्या में खिड़कियां हों, तो माहौल खुशनुमा बना रहता है। वहीं, वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर तनाव, पैसों की दिक्कत और सेहत से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए घर बनवाते समय या रिनोवेशन के दौरान खिड़कियों पर ध्यान देना जरूरी है।
घर में कितनी खिड़कियां शुभ मानी जाती हैं?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में खिड़कियों की संख्या हमेशा सम यानी इवन नंबर में होनी चाहिए, जैसे 2, 4, 6 या 8 खिड़कियां शुभ मानी जाती हैं।
वहीं 3, 5, 7 या 9 जैसी विषम यानी ओड नंबर में बनी खिड़कियां घर की ऊर्जा को असंतुलित कर सकती हैं। मान्यता है कि सम संख्या में खिड़कियां होने से ऊर्जा का प्रवाह ठीक रहता है, जिससे घर में मानसिक शांति, पारिवारिक तालमेल और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
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खिड़कियों की सही दिशा क्यों है जरूरी?
खिड़कियों की संख्या के साथ-साथ उनकी दिशा भी बहुत मायने रखती है। वास्तु के अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा में बनी खिड़कियां सबसे शुभ मानी जाती हैं।
पूर्व दिशा से सूरज की पहली किरणें आती हैं, जो सेहत, सकारात्मक सोच और नई शुरुआत का संकेत देती हैं।
उत्तर दिशा को धन और अवसरों की दिशा माना जाता है। इस दिशा की खिड़कियां तरक्की और खुशहाली बढ़ाती हैं।
इन दिशाओं में खिड़कियां होने से घर में रोशनी अच्छी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
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किन दिशाओं में खिड़कियां बनवाने से बचें?
वास्तु के मुताबिक दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में ज्यादा या बहुत बड़ी खिड़कियां नहीं बनवानी चाहिए। इससे घर की स्थिर ऊर्जा कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में आर्थिक परेशानियां, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें बढ़ने की आशंका रहती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बना रहे, तो खिड़कियों की संख्या और दिशा पर जरूर ध्यान दें। सही वास्तु के अनुसार बनी खिड़कियां न केवल घर को हवादार और रोशन बनाती हैं, बल्कि जीवन में संतुलन और खुशहाली भी लाती हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 3 January 2026 at 16:30 IST