Time of Lohri : क्यों मनाया जाता है लोहड़ी का त्योहार? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और कैसे करें सेलिब्रेट
लोहड़ी आज मनाई जाएगी, ये त्योहार किसानों के लिए सबसे खास क्यों है? यहां हम आपको उसके बारे में बताएंगे। साथ ही लोहड़ी पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे है इसको लेकर भी जानकारी दी जाएगी। दुल्ला भट्टी की पूरी कहानी से लेकर इस पर्व का धार्मिक महत्व भी पढ़ें
- धर्म और अध्यात्म
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Time of Lohri: लोहड़ी का पर्व हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है, जो सर्दियों के जाने और बसंत के स्वागत का प्रतीक है। साथ ही यह सूर्य के उत्तरायण होने और रबी की फसल के आगमन का प्रतीक है, जो एक निश्चित खगोलीय घटना पर आधारित है। किसानों के लिए इस त्योहार का खास महत्व है। जो अच्छी रबी फसल (गेहूं, सरसों) के लिए सूर्य और अग्नि देव को धन्यवाद और आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार लोकगीत गाकर, भांगड़ा-गिद्दा करके और तिल, गुड़, मूंगफली जैसी चीजें अग्नि में डालकर मनाया जाता है, जो एकता और खुशी का प्रतीक है। मुख्य रूप से उत्तर भारत में लोहड़ी पर्व मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है।
दुल्ला भट्टी की कहानी
लोहड़ी पर्व से जुड़ी एक फेमस कहानियों में से एक कहानी दुल्ला भट्टी की है। मान्यता है कि मुगल काल में दुल्ला भट्टी नाम का एक बहादुर योद्धा था, जिसने मुगलों के जुल्म-सितम के खिलाफ बड़ा कदम उठाया। उन्होंने गरीब किसान की बेटियों की शादी करवाई और उन्हें मुगल सरदार के चंगुल से बचाया। तब से लेकर आज तक लोहड़ी के पर्व पर दुल्ला भट्टी से जुड़ी इस कथा को 'सुंदर मुंदरिये' लोकगीत गाकर उनकी वीरता का गुणगान किया जाता है।
किसानों के लिए खास है लोहड़ी
लोहड़ी का पर्व परिश्रम और धैर्य से प्राप्त हुई सुख-समृद्धि का प्रतीक है। यह पर्व किसानों के लिए एक सबसे खास त्योहार है, जो अपनी फसल की कटाई का जश्न मनाते हैं। लोहड़ी के दिन लोग अग्नि जलाकर उसकी परिक्रमा करते हैं और तिल, मूंगफली, गजक का प्रसाद बांटते हैं।
लोहड़ी पूजा का शुभ मुहूर्त
लोहरी 13 जनवरी, 2026 मंगलवार यानी आज है।
लोहड़ी संक्रांति क्षण: शाम 04:05 बजे
लोहड़ी दहन (पूजा) का समय: शाम 05:45 बजे से रात 08:30 बजे तक
शाम के समय जब सूरज ढलने को हो और गोधूलि बेला हो, तब लोहड़ी जलाना सबसे उत्तम माना जाता है।
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लोहड़ी की पूजा कैसे करें
लोहड़ी की पूजा विधि बहुत ही आसान है। लोग शाम को अग्नि जलाकर उसकी परिक्रमा करते हैं और तिल, मूंगफली, गजक का प्रसाद बांटते हैं। इस दिन लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर लोहड़ी का जश्न मनाते हैं।