कौन थीं श्रीकृष्ण की तीसरी मां? अपने पुत्र को दूध में जहर मिलाकर मारने की थी इच्छा
श्री कृष्ण की एक तीसरी मां भी थीं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते हैं, इस लेख के माध्यम से जानते हैं उनका नाम और पौराणिक कथा...
- धर्म और अध्यात्म
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जब भी श्री कृष्ण की मां का जिक्र होता है तो जहन में दो नाम आते हैं एक देवकी और दूसरा यशोदा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कान्हा की एक तीसरी मां भी थी? जी हां, कान्हा की एक तीसरी मां भी थीं, जो उन्हें मारना चाहती थी। ऐसे में कान्ही जी की तीसरी मां के बारे में पता होना जरूरी है और वो क्यों कान्हा को मारना चाहती थीं, इसके बारे में जानना तो बनता है।
आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि कान्हा की तीसरी मां का नाम क्या था और वो क्यों श्री कृष्ण को मारना चाहती थीं। पढ़ते हैं आगे...
श्रीकृष्ण की तीसरी मां कौन?
पौराणिक कथा के मुताबिक, जब त्रेता युग की शुरुआत हुई तब श्री कृष्ण ने वामन अवतार लिया। इसी अवतार में वो राजा बलि के पास पहुंचे थे। कहते हैं कि उनका वामन अवतार में इतना मनोरम रूप था कि राजा बलि की पुत्री की आंखों में समा गया और उनके मन में उन्हें अपना पुत्र बनाने की इच्छा जागी।
लेकिन जब पुत्री ने देखा कि वामन भगवान ने बलि से तीन पग भूमि मांग ली है, जिसके कारण उन्हें पाताल में निवास करना पड़ा तो पिता के साथ ऐसा छल देख उन्हें बेहद दुख हुआ। ऐसे में तभी उनके मन में एक और इच्छा जाग्रत हुई और वो थी ऐसे पुत्र को दूध में जहर मिलाकर मार दें। उस वक्त वामन अवतार ने उनके मन की आवाज को पहचान लिया और उन्हें तथास्तु का आशीर्वाद दिया।
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बता दें कि राजा बलि की पुत्री ही थी जो द्वापरयुग में पूतना के रूप में जन्म लेकर आई थी। चूंकि द्वापरयुग में पूतना ने श्री कृष्ण को अपना दूध पिलाया था ऐसे में श्री कृष्ण ने उन्हें अपनी माता स्वीकारा था। हालांकि उसने दूध मारने के लिए पिलाया था पर मां के दूध को पीने के चलते वो कान्हा की तीसरी मां बनीं। वहीं वामन अवतार के वक्त दिया गया वरदान सक्रिय हुआ और मृत्यु के बाद पूतना कृष्ण धाम गईं।
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