अपडेटेड 13 February 2026 at 16:59 IST
Surya Grahan 2026: क्या भारत में दिखाई देगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल मान्य होगा या नहीं?
Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है। ज्योतिषीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सावधानी और सकारात्मक सोच बनाए रखना बेहतर रहेगा।
- धर्म और अध्यात्म
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Solar Eclipse Visibility In India: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह ग्रहण कुंभ राशि में होगा, क्योंकि इस दौरान सूर्य देव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। यही कारण है कि इस ग्रहण को ज्योतिष और धार्मिक दोनों दृष्टि से खास माना जा रहा है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं जैसे क्या यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा? क्या सूतक काल मान्य होगा? और इसका राशियों पर क्या असर पड़ेगा? तो चलिए सब कुछ जानते हैं।
सूर्य ग्रहण का समय (Surya Grahan 2026 Timings)
भारतीय समय के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर करीब 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और शाम लगभग 7 बजकर 57 मिनट तक चलेगा। यानी इसकी कुल अवधि करीब 4 घंटे 30 मिनट से ज्यादा रहेगी। हालांकि अलग-अलग देशों में यह ग्रहण अलग समय पर और अलग रूप में दिखाई देगा।
क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? (Surya Grahan 2026 Where to Watch)
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका के आसपास के क्षेत्रों में नजर आएगा। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में इसे आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं माना जाएगा।
सूतक काल को लेकर क्या नियम है? (Sutak Kaal Niyam)
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूतक काल वहीं मान्य होता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है। क्योंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि लोग अपने रोजमर्रा के काम, पूजा-पाठ, खाना-पीना और अन्य सभी गतिविधियां सामान्य रूप से कर सकते हैं। किसी तरह की पाबंदी नहीं रहेगी।
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राशियों पर प्रभाव (Surya Grahan 2026 Effects on Zodiac Signs)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। इसका असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ सकता है। खास तौर पर कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय आत्ममंथन, सोच-विचार और नए फैसले लेने का हो सकता है। कुछ लोगों के जीवन में इस दौरान नए बदलावों की शुरुआत भी हो सकती है।
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक, धार्मिक और ज्योतिषीय सभी दृष्टि से खास है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और आम लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह समय सामान्य दिनों की तरह ही रहेगा।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 13 February 2026 at 16:59 IST