अपडेटेड 16 February 2026 at 21:00 IST

Surya Grahan 2026: कल कितने बजे शुरू होगा साल का पहला सूर्य ग्रहण? सूतक लगेगा या नहीं, जानिए हर अपडेट

कल 17 फरवरी को 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इसे 'रिंग ऑफ फायर' कहा जा रहा है। लेकिन भारत में ये नहीं दिखेगा। इसलिए यहां कोई असर नहीं होगा। जानें कहां दिखेगा? सूतक काल और उपाय के बारे में भी पढ़ें।

Solar Eclipse 2026 Sutak Kaal
सूर्य ग्रहण 2026 | Image: Freepik

Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कल यानी 17 फरवरी (मंगलवार) को लगने जा रहा है। यह फाल्गुन अमावस्या के दिन पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में 'रिंग ऑफ फायर' यानी अग्नि का चमकदार छल्ला दिखाई देगा। लेकिन भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा।
 
भारतीय समयानुसार, यह वलयाकार सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट तक चलेगा। इसकी कुल अवधि लगभग 4 घंटे 31 मिनट बताई जा रही है। ग्रहण का पीक टाइम शाम 5 बजकर 13 मिनट से 6 बजकर 11 मिनट के बीच होगा। इस वक्त सूर्य पर चंद्रमा की छाया पड़ेगी, लेकिन पूरी तरह नहीं ढकेगी। पीछे से सुरज की रोशनी वाला छल्ला दिखेगा, इसलिए इसे 'रिंग ऑफ फायर' कहा जा रहा है।

सूर्य के चारों तरफ दिखेगी चमकदार रिंग 

सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) के वक्त चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह कवर नहीं कर पाएगा। यह खगोलीय घटना काफी खूबसूरत होने वाली है।

भारत में कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

मिली जानकारी के मुताबिक भारत में यह ग्रहण कहीं भी दिखाई नहीं देगा। ये खास तौर पर दक्षिणी अफ्रीका (जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, मोजाम्बिक), अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना, चिली) के कुछ इलाकों से होकर गुजरेगा। लेकिन भारत में कुछ भी नजर नहीं आएगा।   

भारत में सूतक काल लगेगा या नहीं?

चूंकि सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। हिंदू परंपरा में सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक शुरू होता है, लेकिन इस बार कोई धार्मिक पाबंदी नहीं। आप पूजा-पाठ, भोजन, शुभ कार्य या रूटीन के काम नॉर्मल तरीके से कर सकते हैं।

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जहां सूर्य ग्रहण दिखेगा, वहां ये सावधानियां जरूरी

सूर्य ग्रहण को कभी भी नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। सोलर फिल्टर ग्लास, सुरक्षित दूरबीन या फिल्टर वाली टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को खास ध्यान रखना होता है। ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।

हिंदू शास्त्रों में सूर्य ग्रहण को पवित्र माना जाता है। ग्रहण के वक्त हनुमान चालीसा, सूर्य मंत्र या नारायण कवच का जाप करना शुभ माना जाता है। वहीं, ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान किया जाता है और गंगाजल छिड़क कर दान पुण्य किया जाता है। अगर आप चाहे तो सूर्य ग्रहण का लाइव स्ट्रीम NASA की वेबसाइट पर देख सकते हैं।    

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 16 February 2026 at 21:00 IST