जगन्नाथ मंदिर में 31 दिसंबर और एक जनवरी को सुचारू दर्शन के लिए विशेष प्रबंध

नये साल के जश्न के अवसर पर तीर्थ नगरी पुरी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) और पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं ताकि लोगों को दर्शन के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो।

New 'darshan' system in Puri Jagannath temple, details inside
New 'darshan' system in Puri Jagannath temple, details inside | Image: PTI

नये साल के जश्न के अवसर पर तीर्थ नगरी पुरी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) और पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं ताकि लोगों को दर्शन के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो।

एसजेटीए ने एक बयान में कहा, ‘‘12वीं शताब्दी के इस मंदिर में दर्शन के लिए केवल सिंहद्वार से ही प्रवेश की अनुमति होगी और तीन अन्य द्वारों से निकास की व्यवस्था की गई है। सामान्य श्रद्धालुओं को सिंहद्वार के अलावा किसी अन्य द्वार से प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

हालांकि, यह व्यवस्था सेवादारों और उनके परिवार के सदस्यों पर लागू नहीं होगी तथा वे किसी भी द्वार से प्रवेश या निकास कर सकते हैं। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने कहा, ‘‘हम इस व्यवस्था के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सभी का सहयोग चाहते हैं ताकि महाप्रभु (भगवान जगन्नाथ) के दर्शन व्यवस्थित तरीके से किए जा सकें।’’

उन्होंने कहा कि मंदिर में यह व्यवस्था 31 दिसंबर और एक जनवरी को लागू रहेगी। इसके अलावा पुरी जिला प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। शहर में सिंहद्वार से लेकर ‘मार्केट स्क्वायर’ तक अवरोधक लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालु मंदिर में व्यवस्थित तरीके से प्रवेश कर सकें।

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उप महानिरीक्षक चरण सिंह मीना ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए 60 पलटन (एक पलटन में 30 जवान होते हैं) को तैनात किया जाएगा। भीड़ नियंत्रण और प्रबंधन के लिए कम से कम 10 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 33 पुलिस उपाधीक्षक, 62 निरीक्षक, 245 उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक तैनात किए जाएंगे।

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Published By:
 Ritesh Kumar
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