Maa Sita: सीता मां लंका में कितने दिन रही थीं? नंबरों में छिपा रावण की मृत्यु का राज
How many days did Sita stay in Lanka? मां सीता लंका में कितने दिन तक रही थीं? इस लेख के माध्यम से जानते हैं इसके उत्तर के बारे में...
- धर्म और अध्यात्म
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How many days did sita was in lanka: माता सीता का हरण रावण ने उस दौरान किया जब वे 14 वर्ष का वनवास भोग रही थीं। माता कैकयी के कहे जाने पर राजा दशरथ को श्रीराम को वनवास भेजना पड़ा। हालांकि सीता अपहरण के बाद राम जी ने न केवल उन्हें ढूढ़ा बल्कि रावण का वध भी किया।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह कितने दिन लंका में रहीं और इस संख्या का रावण की मृत्यु से क्या कनेक्शन है? अगर नहीं, तो आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि माता सीता लंका में कितने दिन (sita in lanka for how many days) रही थीं और उनके रहने का रावण की मृत्यु से क्या लेना देना है। पढ़ते हैं आगे…
सीता लंका में कितने दिन तक रही थी? (lanka me sita kitne din rahi)
- माता सीता लंका में कुल 435 दिन रही थीं। वहीं जब श्री राम युद्ध के दौरान लंका आए तो वह 111 दिन लंका में रुके थे। इन संख्याओं के पीछे रावण की मृत्यु का राज छिपा था।
- 435 दिन यानी 435 संख्या, जिसमें चार चतुर्भुज है तीन त्रिलोकी ऊर्जा और पांच पंच तत्व या पंच महाभूत। ऐसे में इन तीनों के एक होने से ही रावण की मृत्यु निश्चित हुई।
- बता दें कि चतुर्भुज का अर्थ भगवान विष्णु के 7वें अवतार प्रभु श्री राम से था। त्रिलोकी का अर्थ तीनों लोकों के स्वामी और पंच तत्व या पंच महाभूत का अर्थ इन्हीं से मानव शरीर का निर्माण और इन्हीं में मानव शरीर की मृत्यु के बाद समागम से है।
- आम भाषा में कहें तो श्री राम के हाथों रावण का वध होना निश्चित था। साथ ही रावण की मृत्यु के बाद उसका पंच तत्व में विलीन होना भी सुनिश्चित था।
- श्री राम का 111 दिन लंका में रहना यानी 111 संख्या जो दर्शाता है- एक समय, एक योग और एक बाण यानि रावण की मृत्यु का समय निश्चित था। योग और दिव्य मृत्यु बाण भी पहले से ही निश्चित था।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।