अपडेटेड 5 January 2026 at 08:07 IST
Shattila Ekadashi 2026: 13 या 14 जनवरी... कब है षटतिला एकादशी? जानें व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Shattila Ekadashi 2026 Date: माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस व्रत का संबंध सीधे भगवान विष्णु से है और इसमें तिल का विशेष महत्व बताया गया है। जानें षटतिला एकादशी 2026 की सही तिथि और महत्व।
- धर्म और अध्यात्म
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Shattila Ekadashi 2026 Kab Hai: सनातन धर्म में माघ मास को व्रत, तप, स्नान और दान-पुण्य के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना गया है। मान्यता है कि माघ महीने में किए गए धार्मिक कार्य कई गुना फल देते हैं। इसी कारण इस माह में पड़ने वाली एकादशी का विशेष महत्व होता है। माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है, जो आत्मशुद्धि और पुण्य प्राप्ति का उत्तम अवसर मानी जाती है।
षटतिला एकादशी का व्रत न केवल पापों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। इस दिन तिल से जुड़े दान, स्नान और पूजा का विशेष विधान है। तो चलिए जानते हैं कब है षटतिला एकादशी?
षटतिला एकादशी 2026 की सही तिथि क्या है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3:16 बजे से लेकर अगले दिन 14 जनवरी 2026 को शाम 5:53 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि को ध्यान में रखते हुए षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी 2026 यानी बुधवार को रखा जाएगा।
षटतिला एकादशी का शुभ मुहूर्त
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों में भगवान विष्णु की पूजा और तिल का दान करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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षटतिला एकादशी का महत्व क्या है?
षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को पुराने पापों से मुक्ति मिलती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। इस एकादशी में तिल का दान सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। तिल का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और दरिद्रता दूर होती है।
षटतिला एकादशी पर तिल के 6 शुभ प्रयोग
“षट” का अर्थ है छह और “तिला” का अर्थ है तिल। इस दिन तिल का छह प्रकार से उपयोग करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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- तिल से स्नान - शरीर और मन की शुद्धि के लिए स्नान करना चाहिए।
- तिल का उबटन - स्वास्थ्य और सौंदर्य दोनों के लिए लाभदायक होता है।
- तिल का हवन - घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए हवन करना शुभ माना जाता है।
- तिल का तर्पण - पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- तिल का सेवन - आरोग्य और संतुलित जीवन के लिए सेवन किया जाता है।
- तिल का दान - गरीबों और जरूरतमंदों को देने से अक्षय पुण्य के काम में आता है।
षटतिला एकादशी के दिन इन सभी कर्मों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से जीवन में समृद्धि, स्थिरता और स्थायी सुख की प्राप्ति होती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 5 January 2026 at 08:07 IST