Shardiya Navratri 2026 Mantras: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन जरूर करें इन मंत्रों का जाप, सुख-सौभाग्य का मिलेगा वरदान; धनलाभ के बनेंगे योग
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना का विशेष विधान है। इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के सिद्ध मंत्रों का जाप करने से साधक को सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। आइए जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होता है। नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ विधिवत पूजा और मंत्रों का जाप करने से साधक को सुख, समृद्धि और आरोग्य का वरदान मिलता है।
यदि आप भी अपने जीवन में सुख-सौभाग्य और आर्थिक उन्नति चाहते हैं, तो नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री और देवी दुर्गा के इन प्रभावी मंत्रों का जाप अवश्य करें।
मां शैलपुत्री का ध्यान मंत्र
वंदे वाञ्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के मन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
धनलाभ और समृद्धि के लिए सिद्ध मंत्र
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
यदि आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या व्यापार में लाभ पाना चाहते हैं, तो प्रतिपदा तिथि पर लाल चंदन की माला से इस मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे धनलाभ के प्रबल योग बनते हैं।
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सर्वकल्याणकारी दुर्गा बीजाक्षर मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
यह मां दुर्गा का सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। पहले दिन इस मंत्र का मानसिक जाप करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
पूजा के समय रखें इन बातों का ध्यान
पहला दिन घटस्थापना के लिए अत्यंत शुभ होता है। सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां शैलपुत्री को सफेद पुष्प, देसी घी का भोग और फल अर्पित करें। मंत्र जाप हमेशा कुश या ऊन के आसन पर बैठकर ही करें। सही उच्चारण और भक्ति भाव के साथ किया गया यह जाप आपके जीवन के सभी कष्टों को हर लेगा।