Shardiya Navratri 2025: 22 या 23 सितंबर... कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि? जानिए कलश स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त
Shardiya Navratri 2025: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का आरंभ जल्द ही होने जा रहा है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। अब ऐसे में इस साल नवरात्रि कब से शुरू हो रहा है? वहीं कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Shardiya Navratri 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह के शु्क्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का व्रत विशेष रूप से करने का विधान है। इस दिन नौ देवियों की पूजा करने का विधान है। शारदीय नवरात्रि के दौरान जगत जननी मां आदिशक्ति की पूजा की जाती है। उनके निमित्त नौ दिनों का व्रत रखा जाता है।
इस दिन सभी भक्त विधिवत रूप से मां दुर्गा की पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा की पूजा करने से व्यक्ति को सिद्धि प्राप्ति हो सकती है और मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
अब ऐसे में शारदीय नवरात्रि के दिन कलश स्थापना किस मुहूर्त में करें और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
शारदीय नवरात्रि कब से हो रहा है शुरू?
वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सोमवार यानी कि 22 सितंबर को देर रात 01 बजकर 23 मिनट से होने जा रहा है और इसका समापन 23 सितंबर को देर रात 02 बजकर 55 मिनट पर होगा। इसलिए उदया तिथि के हिसाब से 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी।
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शारदीय नवरात्रि के दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 09 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक है।
आप अभिजीत मुहूर्त में 11 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट पर घटस्थापना कर सकते हैं।
शारदीय नवरात्रि के दिन शुभ योग
शारदीय नवरात्रि के दिन शुक्ल और ब्रह्म योग का संयोग बन रहा है। इस योग में मां दुर्गा की पूजा करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है।
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शारदीय नवरात्रि के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 22 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 15 मिनट से 03 बजकर 03 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 41 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक