Sawan 2026: शिव पूजा में घी या तेल, किसका दीपक जलाना है शुभ? पढ़ें स्कंद पुराण के सही नियम; घर में आएगी सुख-समृद्धि
Lord Shiva Puja Niyam: सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसे में जानते हैं भोलेनाथ की पूजा में किसका दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
- धर्म और अध्यात्म
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Sawan 2026 Lord Shiva Puja Niyam According To Skanda Puran: सावन का पवित्र महीना शिवभक्तों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। 30 जुलाई 2026 से सावन की शुरुआत होने जा रही है। हम सभी जल, बेलपत्र और धतूरे से भोलेनाथ को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं, लेकिन शिव पूजा में आरती और दीपक जलाने का एक विशेष महत्व है। बिना दीपक प्रज्वलित किए कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती।
अक्सर हमारे मन में यह दुविधा रहती है कि शिवजी के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए या तेल का? तो चलिए स्कंद पुराण के अनुसार इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं ताकि आपकी पूजा का पूरा फल आपको मिल सके।
घी या तेल: शिवजी को क्या है प्रिय?
स्कंद पुराण के अनुसार, देवी-देवताओं की पूजा में जलाए जाने वाले दीपक का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें किस चीज का इस्तेमाल हुआ है। शिव पूजा के लिए अलग-अलग दीपों का महत्व इस प्रकार है।
- गाय का शुद्ध घी: शुद्ध घी का दीपक सर्वोत्तम माना जाता है। शिवजी को सबसे प्रिय है। यह घर में सुख, शांति, सात्विकता और आर्थिक समृद्धि लाता है।
- तिल का तेल: तिल के तिल अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
- कुसुम का तेल: कुसुम के तेल का दीपक भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त को सीधे कैलाश का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- अलसी का तेल: अलसी के तेल का दीपक इसे कुसुम तेल के समान ही पुण्यदायक और शिव कृपा दिलाने वाला माना गया है।
शिव पूजा में कभी भी सरसों के तेल का दीपक नहीं जलाना चाहिए। सरसों के तेल का इस्तेमाल आमतौर पर शनिदेव या भैरव बाबा की पूजा में ही किया जाता है।
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दीपक जलाने के जरूरी नियम
सिर्फ दीपक जलाना ही काफी नहीं है, शास्त्रों में इसे सही तरीके से रखने के नियम भी बताए गए हैं। पूजा का पूरा फल पाने के लिए इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें-
बाती का चुनाव
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घी का दीपक हमेशा रुई की गोल बाती का इस्तेमाल करें। वहीं तेल के दीपक की बात करें तो अगर आप तिल या किसी अन्य तेल का दीपक जला रहे हैं, तो उसमें लंबी बाती यानी कलावा या रुई की लंबी बत्ती लगाएं।
दीपक रखने की सही दिशा
यह सबसे जरूरी नियम है जिसे लोग अक्सर भूल जाते हैं। घी का दीपक हमेशा भगवान शिव के दाहिने हाथ की तरफ रखें। वहीं, अगर आप तेल का दीपक जला रहे हैं, तो उसे शिवजी के बाएं हाथ की तरफ रखें।
दीपक को 'आसन' दें
दीपक को कभी भी सीधे फर्श या जमीन पर नहीं रखना चाहिए। दीपक स्थापित करने से पहले उसके नीचे थोड़े से साबुत चावल या फूलों की पंखुड़ियां जरूर रखें।
एक दीपक से दूसरा न जलाएं
स्कंद पुराण स्पष्ट रूप से कहता है कि कभी भी एक जलते हुए दीपक से दूसरा दीपक नहीं जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में बेवजह का तनाव और रोग बढ़ता है। दीपक जलाने के लिए हमेशा माचिस की अलग तीली का इस्तेमाल करें।
कपूर और धूप का भी है विशेष महत्व
दीपक के अलावा, स्कंद पुराण में शिव पूजा के दौरान कपूर, अगरु और धूप के इस्तेमाल की भी बहुत महिमा बताई गई है। सावन हो या सामान्य दिन, जब आप शिवजी की आरती कपूर या धूप से करते हैं, तो घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। घर का वातावरण शुद्ध होता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है।
इस सावन सच्चे मन से 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए महादेव के सामने सही विधि से दीप प्रज्वलित करें, भोलेनाथ आपके घर को धन-धान्य और सुख-समृद्धि से भर देंगे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।