Sawan 2026 Lord Shiva Puja Vidhi: जल या बेलपत्र...शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना है शुभ? जानिए अभिषेक की संपूर्ण विधि
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: सावन के इस पावन महीने में अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर सच्चे मन से पूजा करेंगे, तो भोलेनाथ आपकी हर मनोकामना जरूर पूरी करेंगे
- धर्म और अध्यात्म
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Sawan 2026 Lord Shiva and Shivling Puja Vidhi: सावन का पवित्र महीना महादेव की कृपा पाने का सबसे खास अवसर होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती धरती पर भ्रमण करने आते हैं। यही वजह है कि भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए भक्त पूरी श्रद्धा से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करना बहुत फलदायी माना गया है। अगर आप भी इस सावन भगवान शिव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो सोमवार के व्रत रखें या पूरे सावन माह शिवजी की आराधना करें। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि पूजा करते समय शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए और अभिषेक की सही विधि क्या है?
शिवलिंग पर अभिषेक करने की सही विधि
- सबसे पहले जल चढ़ाएं: अभिषेक की शुरुआत हमेशा शुद्ध जल से करें। तांबे या पीतल के लोटे में जल लेकर शिवलिंग पर धीमी धार में अर्पित करें। जल चढ़ाते समय मन ही मन 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते रहें।
- पंचामृत या कच्चा दूध: जल के बाद शिवलिंग का पंचामृत (दही, घी, शहद, दूध और चीनी का मिश्रण) से अभिषेक करें। अगर पंचामृत नहीं है, तो आप गाय का कच्चा दूध भी चढ़ा सकते हैं। इसके बाद शिवलिंग को दोबारा शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं और हल्के हाथों से पोंछ लें।
- चंदन का लेप: शिवलिंग को साफ करने के बाद उस पर सफेद या पीला चंदन लगाएं।
- बेलपत्र और फूल: चंदन लगाने के बाद महादेव की प्रिय चीजें अर्पित करें। इसमें बेलपत्र, धतूरा, भांग, मदार के फूल और शमी के पत्ते शामिल हैं।
- अक्षत और जनेऊ: अब भगवान शिव को अक्षत और जनेऊ अर्पित करें।
- भोग लगाएं: इसके बाद शिवलिंग पर पान का पत्ता, सुपारी और इलायची चढ़ाएं। साथ ही शिवजी को ताजे फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- आरती करें: अंत में धूप, दीप और कपूर जलाकर पूरे मन से भगवान शिव की आरती करें। आप चाहें तो आरती से पहले 'शिव चालीसा' का पाठ भी कर सकते हैं।
पूजा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
- दिशा का ध्यान: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय आपका मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
- जल की धार: जल हमेशा धीरे-धीरे और एक पतली धार बनाकर चढ़ाएं। एक झटके में या एक साथ पूरा जल कभी नहीं चढ़ाना चाहिए।
- वर्जित चीजें: शिवजी की पूजा में हल्दी, तुलसी, केतकी का फूल और सिंदूर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ये चीजें शिवलिंग पर चढ़ाना मना है।
- शंख का प्रयोग न करें: शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए कभी भी शंख का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- बेलपत्र चढ़ाने का नियम: बेलपत्र हमेशा साबित होना चाहिए। इसे हमेशा उल्टा चढ़ाएं, यानी बेलपत्र का चिकना वाला हिस्सा शिवलिंग को स्पर्श करना चाहिए।
सावन के इस पावन महीने में अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर सच्चे मन से पूजा करेंगे, तो भोलेनाथ आपकी हर मनोकामना जरूर पूरी करेंगे।
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