Sawan 2026: सावन में 16, 21 या 24 कितनी चूड़ियां पहनना माना जाता है बेहद शुभ? जानें सही संख्या और धार्मिक महत्व
Sawan 2026: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का प्रतीक है। इस दौरान सुहागिन महिलाओं के लिए हरी चूड़ियां पहनना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि हरा रंग प्रकृति, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की निशानी है।
- धर्म और अध्यात्म
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Sawan 2026: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे माह में सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी गृहस्थ जीवन की कामना के लिए हरी साड़ी, मेहंदी और हरी चूड़ियां धारण करती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि सावन में चूड़ियों की संख्या का भी विशेष धार्मिक महत्व होता है? आइए जानते हैं कि सावन में 16, 21 या 24 में से कितनी चूड़ियां पहनना सबसे शुभ माना जाता है।
सावन में हरी चूड़ियों का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
सावन में प्रकृति चारों ओर हरियाली से भर जाती है, और हरा रंग बुद्धिमत्ता, समृद्धि तथा सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हरा रंग पहनने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है। हरी चूड़ियां सुहाग और दांपत्य जीवन में प्रेम की वृद्धि करती हैं, जिससे माता पार्वती प्रसन्न होती हैं।
16, 21 या 24 कितनी चूड़ियां पहनना माना जाता है शुभ?
16 की संख्या को सोलह श्रृंगार का प्रतीक माना गया है। सावन में एक हाथ में 16 हरी चूड़ियां पहनना सौभाग्यवर्धक और संपूर्णता का सूचक होता है।
धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में 21 का अंक शुभ और फलदायी माना जाता है। यदि आप पूजा या त्यौहार के अवसर पर सज रही हैं, तो 21 चूड़ियों का सेट धारण करना अत्यंत उत्तम रहता है।
दो दर्जन यानी 24 चूड़ियां 12-12 दोनों हाथों में पहनना सबसे सहज माना जाता है और सौभाग्यशाली माना जाता है।
चूड़ी पहनते समय रखें इन नियमों का ध्यान
नई चूड़ियां खरीदने या पहली बार पहनने के लिए शुक्रवार और सोमवार का दिन सर्वश्रेष्ठ होता है। मंगलवार और शनिवार को कांच की नई चूड़ियां खरीदने से बचें।
चूड़ियां पहनते समय कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुख न करें।
नई चूड़ियों को पहनने से पहले माता पार्वती के चरणों में स्पर्श कराकर आशीर्वाद अवश्य लें।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।