Raksha Bandhan 2026 Mantras: रक्षाबंधन के दिन भाई को राखी बांधने के दौरान जरूर बोलें ये मंत्र, यश की होगी प्राप्ति
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि केवल राखी बांधना ही पर्याप्त नहीं है; यदि राखी बांधते समय पौराणिक मंत्रों का उच्चारण किया जाए, तो इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इससे भाई को दीर्घायु, आरोग्यता, यश और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- धर्म और अध्यात्म
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रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पवित्र त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मनाया जाने वाला यह पर्व केवल एक रेशमी धागे का बंधन नहीं, बल्कि भाई की सुरक्षा और समृद्धि का संकल्प है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करती हैं। शास्त्रों में राखी बांधने के दौरान विशेष मंत्रोच्चारण का विधान बताया गया है। मान्यता है कि सही मंत्र का जाप करते हुए रक्षासूत्र बांधने से भाई को अखंड यश, आयु और हर कार्य में विजय की प्राप्ति होती है।
राखी बांधते समय जरूर बोले ये मंत्र
जब भी बहन अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधे, तो उसे इस पौराणिक और सिद्ध मंत्र का उच्चारण अवश्य करना चाहिए।
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥
जानें क्या है इस मंत्र का अर्थ
'जिस रक्षासूत्र से अत्यंत बलशाली दानवराज बलि को बांधा गया था, उसी रक्षासूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षासूत्र! तुम स्थिर रहना और भाई की सदैव रक्षा करना, अपने कर्तव्य से कभी मत डिगना।'यह मंत्र केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और यश का संचार करने वाली अमोघ शक्ति है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब माता लक्ष्मी ने राजा बलि को अपना भाई बनाकर रक्षासूत्र बांधा था, तब इसी भावना के साथ उन्हें सुरक्षा और समृद्धि का वरदान प्राप्त हुआ था।
इस मंत्र का धार्मिक महत्व क्या है?
यश और मान-सम्मान की प्राप्ति: इस मंत्र के उच्चारण से भाई के जीवन में यश, कीर्ति और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है। मंत्रयुक्त रक्षासूत्र भाई को हर प्रकार की बुरी नजर, संकट और अनहोनी से सुरक्षित रखता है।