Pradosh Vrat May 2026 Date: कब है अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत? नोट कर लें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और महत्व
Pradosh Vrat May 2026 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत हर महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। अब ऐसे में इस साल अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Pradosh Vrat May 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम साधन माना जाता है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। साल 2026 में मई का महीना धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है, क्योंकि इस बार ज्येष्ठ अधिकमास यानी कि पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हो रही है। अधिकमास में पड़ने वाले व्रत-त्योहारों का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाता है। अब ऐसे में अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है? आइए जानते हैं।
अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत कब है?
साल 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास 17 मई से शुरू हो रहा है, जो 15 जून तक चलेगा। इस पुरुषोत्तम मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा। चूंकि यह व्रत गुरुवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा। अधिकमास और गुरु प्रदोष का यह अत्यंत दुर्लभ संयोग भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाला माना जा रहा है।
प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ- 28 मई 2026 को सुबह 07:56 बजे से
त्रयोदशी तिथि की समाप्ति- 29 मई 2026 को सुबह 09:50 बजे तक
प्रदोष काल पूजा मुहूर्त- 28 मई 2026 को शाम 07:12 बजे से रात 09:15 बजे तक
गुरु प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व क्या है?
अधिकमास के इस पहले प्रदोष व्रत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भगवान शिव को शनि देव का गुरु माना जाता है। गुरु प्रदोष के दिन शिव आराधना करने से कुंडली के कई बड़े दोष शांत होते हैं। इस दिन शिवलिंग पर काले तिल और कच्चा दूध अर्पित करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। इस व्रत को करने से मानसिक तनाव दूर होता है और चंद्र जनित दोष समाप्त होते हैं। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन महादेव की पूजा करने से सुख-सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।