अपडेटेड 19 February 2026 at 10:15 IST

Phulera Dooj 2026: फुलेरा दूज 2026 पर कैसे करें श्रीराधा-कृष्ण की पूजा? जानें सही विधि, मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Phulera Dooj 2026 Puja Vidhi: फुलेरा दूज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और शुभता का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

phulera dooj 2026 radha krishna puja Vidhi shubh muhurat significance or importance
फुलेरा दूज 2026 पूजा विधि | Image: AI

Phulera Dooj 2026 Significqance: वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। इस साल फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026 को मनाया जा रहा है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है और खासतौर पर ब्रज क्षेत्र में इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ फूलों की होली खेली थी, तभी से फुलेरा दूज मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस दिन राधा-कृष्ण की विशेष पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और प्रेम बना रहता है।

फुलेरा दूज पूजा विधि (Phulera Dooj Puja Vidhi)

Uploaded image

फुलेरा दूज के दिन पूजा सरल तरीके से भी की जा सकती है। 

  • सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • सूर्य देव को जल अर्पित करें।
  • पूजा स्थान की सफाई करें और चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  • उनका श्रृंगार करें और फूलमाला अर्पित करें।
  • भगवान के चरणों में गुलाल और फूल अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाएं और धूप दें।
  • माखन-मिश्री, बूंदी के लड्डू, मौसमी फल और पंचामृत का भोग लगाएं।
  • मन शांत रखकर मंत्रों का जाप करें और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करें।

भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र

1. ॐ कृष्णाय नमः

Advertisement

2. हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।

Advertisement

3. ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः

4. ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

5. ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।

सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।

फुलेरा दूज का धार्मिक महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फुलेरा दूज साल के पांच स्वयं सिद्ध मुहूर्तों में से एक है। इसका मतलब यह है कि इस दिन बिना पंचांग देखे भी विवाह, सगाई और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसे आम भाषा में अनसूड़ा साया भी कहा जाता है।

मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल बहुत अच्छा मिलता है और ग्रह-दोष का प्रभाव भी कम हो जाता है। इसलिए विवाह और गृह प्रवेश जैसे संस्कारों के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

Uploaded image

फुलेरा दूज पर क्या-क्या शुभ माना जाता है?

फुलेरा दूज के शुभ मौके पर विवाह और सगाई, नए काम की शुरुआत, गृह प्रवेश और धार्मिक पूजा और अनुष्ठान जैसे शुभ कार्य किये जा सकते हैं।

ब्रज क्षेत्र में खास उत्सव

ब्रज में इस दिन राधा-कृष्ण की विशेष पूजा होती है और फूलों की होली खेली जाती है। माना जाता है कि फुलेरा दूज के दिन पूजा करने से प्रेम संबंध मजबूत होते हैं और वैवाहिक जीवन में मिठास आती है।

यह जरूर पढ़ें: Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मचाएगा हलचल, इन 3 राशियों पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल
 

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 19 February 2026 at 10:15 IST