Parama Ekadashi 2026 Vrat Katha: परमा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, बैकुंठ धाम की होगी प्राप्ति
Parama Ekadashi 2026 Vrat Katha: हिंदू धर्म में परमा एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। अब ऐसे में इस दिन जो जातक व्रत रख रहे हैं, उन्हें व्रत कथा अवश्य पढ़ना चाहिए। आइए जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Parama Ekadashi 2026 Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी एकादशियों में 'परमा एकादशी' का अपना एक विशेष स्थान है। यह अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा से परमा एकादशी का व्रत रखता है, उसे न केवल धन-धान्य की प्राप्ति होती है, बल्कि मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। आइए परमा एकादशी के दिन व्रत के बारे में जानते हैं।
परमा एकादशी के दिन पढ़ें व्रत कथा
प्राचीन समय की बात है, कांपिल्य नगर में मेधावी नाम के एक बेहद धर्मात्मा ब्राह्मण रहते थे। उनकी पत्नी पवित्रा बहुत ही पतिव्रता और शांत स्वभाव की थीं। मेधावी ब्राह्मण के पास धन की कमी थी, लेकिन वे अतिथियों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते थे।
एक बार मेधावी ब्राह्मण ने धनार्जन के लिए विदेश जाने का विचार किया। यह सुनकर उनकी पत्नी ने कहा, स्वामी, धन तो भाग्य से मिलता है। यदि भाग्य में ही नहीं होगा, तो कितना भी प्रयास कर लें, प्राप्त नहीं होगा। आप यहीं रहकर भगवान का भजन करें। ब्राह्मण ने उनकी बात मान ली और घर पर ही रहकर कठोर तपस्या करने लगे।
इधर, घर में गरीबी के कारण दु:ख बढ़ता गया। एक दिन कौंडिन्य ऋषि वहां पधारे। ब्राह्मण और उनकी पत्नी ने ऋषि का सत्कार किया और अपनी दरिद्रता के बारे में बताया। तब ऋषि ने उन्हें 'परमा एकादशी' का व्रत करने की विधि बताई।
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ऋषि ने कहा, अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी दरिद्रता नष्ट हो जाती है।
ब्राह्मण दंपत्ति ने नियमपूर्वक परमा एकादशी का व्रत रखा। व्रत के प्रभाव से उनकी सभी आर्थिक परेशानियां दूर हो गईं और उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति हुई। कथा के अंत में, उस व्रत के पुण्य से वे मृत्यु के बाद सीधे बैकुंठ लोक गए।
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परमा एकादशी के दिन व्रत रखने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि जो जातक इस एकादशी के दिन व्रत रखता है और विधिवत रूप से पूजा-पाठ करता है, उसे आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से साधक को अंत समय में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
परमा एकादशी के दिन व्रती जरूर करें इन नियमों का पालन
एकादशी तिथि के दिन मन, वचन और अपने कर्म सभी सात्विक रखे।
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा भी करें।
इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी क्षमतानुसार दान करें।
इस दिन चावल खाना वर्जित माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।