अपडेटेड 22 March 2026 at 21:42 IST

Monday Stotra: सोमवार के दिन करें भगवान शिव के इस स्तोत्र का पाठ, ग्रहदोष के अशुभ प्रभाव होंगे दूर

Monday Stotra: सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और भाग्योदय हो सकता है। अब ऐसे में इस दिन किस स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Monday Stotra
Monday Stotra | Image: Freepik

Monday Stotra: सनातन धर्म में सोमवार का दिन पूर्णतः महादेव शिव को समर्पित है। शिव, जिन्हें हम 'भोलेनाथ' भी कहते हैं, अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें मनचाहा वरदान प्रदान करते हैं। यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है, मानसिक अशांति रहती है या बनते हुए कार्यों में बाधा आ रही है, तो सोमवार के दिन विशेष स्तोत्र का पाठ करना किसी रामबाण उपाय से कम नहीं है। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार का स्वामी चंद्रमा है और चंद्रमा के अधिष्ठाता देवता भगवान शिव हैं। जब व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या 'विष योग' जैसे ग्रहदोषों से घिरा होता है, तो शिव की शरण में जाने से इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत हो जाते हैं। अब ऐसे में इस दिन एक ऐसा स्तोत्र है, जिसका पाठ करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

सोमवार के दिन करें भगवान शिव के लिंगाष्टकम स्तोत्र का पाठ 

  • ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिंगं निर्मलभासितशोभित लिंगम् ।
  • जन्मजदुःखविनाशकलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥१॥ 
    देवमुनिप्रवरार्चितलिंगं कामदहं करुणाकरलिंगम् ।
  • रावणदर्पविनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥२॥ 
    सर्वसुगंधिसुलेपितलिंगं बुद्धिविवर्धनकारणलिंगम् ।
  • सिद्धसुरासुरवंदितलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥३॥ 
    कनकमहामणिभूषितलिंगं फणिपतिवेष्टितशोभितलिंगम् ।
  • दक्षसुयज्ञविनाशनलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥४॥ 
    कुंकुमचंदनलेपितलिंगं पंकजहारसुशोभितलिंगम् ।
  • संचितपापविनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥५॥ 
    देवगाणार्चितसेवितलिंगं भावैर्भक्तिभिरेव च लिंगम् ।
  • दिनकरकोटिप्रभाकरलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥६॥ 
    अष्टदलोपरिवेष्ठित लिंगं सर्वसमुद्भवकारणलिंगम् ।
  • अष्टदरिद्रविनाशनलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥७॥ 
    सुरगुरुसुरवरपूजितलिंगं सुरवनपुष्पसदार्चितलिंगम् ।
  • परात्परं परमात्मकलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥८॥ 
    लिंगाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥
  • ॥ इति श्रीलिंगाष्टकस्तोत्रं संपूर्णम् ॥

भगवान शिव के लिंगाष्टकम स्तोत्र का पाठ करने का महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव के लिंगाष्टकम स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और सभी पापों से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही अगर आपके जीवन में किसी तरह की कोई समस्या आ रही है तो वह भी दूर हो जाते हैं।  यह स्तोत्र आध्यात्मिक ज्ञान, एकाग्रता और बुद्धि को बढ़ाता है। लिंगाष्टकम का पाठ सुबह या शाम के समय, विशेषकर पूजा के दौरान, शिवलिंग के सामने बैठकर करना सबसे उत्तम माना जाता है।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 22 March 2026 at 21:40 IST