अपडेटेड 7 January 2026 at 14:58 IST

Mauni Amavasya 2026 Kab Hai: 18 या 19 जनवरी कब है मौनी अमावस्या? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, योग और महत्व

Mauni Amavasya 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जिसमें विधिवत रूप से पूजा-पाठ करने से लाभ हो सकता है। अब ऐसे में मौनी अमावस्या कब है और पूजा के साथ-साथ स्नान का मुहूर्त क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Mauni Amavasya 2026 Kab Hai
Mauni Amavasya 2026 Kab Hai | Image: Freepik

Mauni Amavasya 2026 Kab Hai: सनातन धर्म में मौनी अमावस्या को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में गंगा स्नान करने का विशेष विधान है। इस दिन अमृत स्नान करने का विधान है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन जो जातक व्रत रखता है और विधिवत रूप से जप, तप और साधना करता है। उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है और भाग्योदय हो सकता है। 

अब ऐसे में इस साल मौनी अमावस्या कब है? स्नान-दान के साथ-साथ कौन से शुभ योग बन रहे हैं और पूजा का महत्व क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

मौनी अमावस्या के दिन शुभ मुहूर्त क्या है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 03 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, सोमवार 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए उदया तिथि के हिसाब से मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी।

मौनी अमावस्या के दिन शुभ योग क्या है?

मौनी अमावस्या के दिन कई शुभ योग और नक्षत्र बन रहे हैं, जिससे व्यक्ति को उत्तम परिणाम मिल सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस योग में पूजा करने से महापुण्य फल मिल सकता है। इस दिन शिवावास योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनने जा रहा है।आपको बता दें, शिववास योग शिव-शक्ति जी की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। साथ ही बिगड़े काम बनेंगे। अगर आपके काम में कोई रुकावट आ रही है तो इससे भी छुटकारा मिल सकता है।वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग पर पूजा और तर्पण करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।

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मौनी अमावस्या के दिन पूजा का महत्व क्या है?

मौनी अमावस्या के दिन पूजा-पाठ करने से पितृदोष से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही इस दिन स्नान-दान करने से व्यक्ति को सभी पापों से छुटकारा मिल सकता है। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी अवश्य करें।

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मौनी अमावस्या के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से 03 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 46 मिनट से 06 बजकर 13 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त - देर रात 12 बजकर 05 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 7 January 2026 at 14:58 IST