दशरथ के नाती ने भी लड़ा महाभारत का युद्ध, मार गिराया अर्जन का पुत्र...
Mahabharat katha in hindi: क्या आप जानते हैं कि राजा दशरथ के नाती ने महाभारत युद्ध में भाग लेकर अर्जुन के पुत्र का वध किया था। जानते हैं इसके बारे में...
- धर्म और अध्यात्म
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Mahabharat katha in hindi: महाभारत युद्ध के दौरान कई ऐसे किरदारों का वर्णन मिलता है, जिन्होंने युद्ध में भाग तो लिया लेकिन उनका जिक्र नहीं हुआ। उन्हीं में से एक है दशरथ के नाती। जी हां, महाराज दशरथ के नाती ने भी महाभारत युद्ध में भाग लिया था। इतना ही नहीं बल्कि इन्होंने अर्जुन के पुत्र का भी वध किया था। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि महाभारत में दशरथ के किस नाती ने भाग लिया।
आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि महाभारत युद्ध में दशरथ के कौन से नाती ने भाग लिया था। पढ़ते हैं आगे…
दशरथ के किस नाती ने लड़ा महाभारत का युद्ध?
कुछ ग्रंथों के मुताबिक, राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों दशरथ के ही पुत्र थे। लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी एक पुत्री भी थी. जी हां, जिसका नाम था शांता। हालांकि शांता का जिक्र वाल्मीकि रामायण में नहीं हुआ। लेकिन वहीं कुछ ऐसे ग्रंथ है, जिनमें शांता का जिक्र होता है। बता दें कि महाभारत के युद्ध में शांता के पुत्र ने भी भाग लिया था। यानी दशरथ के नाती ने यह युद्ध लड़ा था।
शांता का विवाह ऋषि श्रृंग के साथ हुआ था। वहीं उनसे एक पुत्र भी उत्पन्न हुआ था अलम्बुष। ये पांडव के भी रिश्ते में लगते थे। लेकिन वे उनसे काफी नाराज थे क्योंकि पांडवों ने युद्ध के दौरान जीतने के लिए छल का सहारा लिया था। ऐसे में जब दुर्योधन ने पांडवों के रिश्तेदार यानी अलम्बुष से मदद मांगी तो उन्होंने हां कर दी।
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ऐसे में अर्जुन के पुत्र से अलम्बुष ने युद्ध लड़ा। युद्ध में अलम्बुष ने इरावन का वध कर दिया। तब श्री कृष्ण ने अलम्बुष को उसकी भूल का दंड दिया और उन्होंने भी भीम के पुत्र घटोत्कच को युद्ध भूमि में उतारा। घटोत्कच और अलम्बुष का युद्ध हुआ। इतना भयंकर युद्ध देखकर पांडव की सेना डर गई। श्री कृष्ण की कृपा से घटोत्कच ने इस युद्ध में विजय हासिल की और अलम्बुष मारा गया।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।