अपडेटेड 27 January 2026 at 21:27 IST
Magh Purnima 2026 Date: 1 या 2 फरवरी... कब है माघ पूर्णिमा 2026? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दान के नियम
Magh Purnima 2026 Puja Vidhi: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन व्रत, जप-तप और दान करने से पूरे माघ मास के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन किए गए शुभ कर्म जीवन के कष्टों को दूर करते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Magh Purnima 2026 Kab Hai: सनातन धर्म में माघ का महीना भगवान श्री विष्णु को समर्पित माना गया है। इस पूरे माह में किया गया स्नान, दान और पूजा अत्यंत पुण्यदायी होती है, लेकिन जब माघ मास में पूर्णिमा तिथि पड़ती है, तब इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इसी कारण इसे माघी पूर्णिमा कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन व्रत, जप-तप और दान करने से पूरे माघ मास के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन किए गए शुभ कर्म जीवन के कष्टों को दूर करते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं। तो चलिए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा 2026 कब है, पूजा का शुभ समय क्या है और इस दिन किन नियमों का पालन करना चाहिए।
माघ पूर्णिमा 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त क्या है?
माघ मास की पूर्णिमा तिथि वर्ष 2026 में 01 फरवरी 2026 प्रात 05:52 बजे लेकर 02 फरवरी 2026, पूर्वाह्न 03:38 बजे तक रहेगी।
हिंदू पंचांग के अनुसार उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए माघ पूर्णिमा का पर्व 01 फरवरी 2026 यानी रविवार को मनाया जाएगा। वहीं चंद्रोदय का समय सायंकाल 05:23 बजे बताया जा रहा है।
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माघ पूर्णिमा की पूजा विधि क्या है?
माघ पूर्णिमा के दिन पूजा विधि को सरल तरीके से अपनाया जा सकता है।
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी नदी, तालाब या घर पर ही स्नान करें।
- स्नान के बाद पीले या सफेद रंग के साफ वस्त्र धारण करें।
- सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
- घर के पूजा स्थान या ईशान कोण में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- इस दिन श्री सत्य नारायण व्रत कथा, श्री सूक्त या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
- मंत्रों के साथ हवन करें और अंत में श्री लक्ष्मी नारायण जी की आरती करें।
- पूरे दिन व्रत रखें और शाम के समय चंद्र देव को दूध और जल से अर्घ्य दें।
माघ पूर्णिमा पर क्या दान करना चाहिए?
दान को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। माघ पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से इन वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन तिल, गुड़, अन्न, घी, वस्त्र, धन और गाय का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप गौ सेवा भी कर सकते हैं। मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर दान करने से पापों का नाश, ग्रह दोषों से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व क्या है?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान श्री विष्णु स्वयं अपने भक्तों की पूजा स्वीकार करते हैं। माघ पूर्णिमा पर किया गया स्नान और दान व्यक्ति को मोक्ष की ओर अग्रसर करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 27 January 2026 at 21:27 IST