Lunar Eclipse 2026: 70 साल बाद रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण का योग, जानें राखी बांधने के 3 सबसे शुभ मुहूर्त
अगस्त 2026 का अंतिम सप्ताह खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन के साथ साल का अंतिम चंद्रग्रहण लगेगा। शतभिषा नक्षत्र, अतिगंड योग और कुंभ राशि के चंद्रमा का ऐसा दुर्लभ संयोग लगभग 70 साल बाद बन रहा है।
- धर्म और अध्यात्म
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अगस्त का आखिरी सप्ताह ज्योतिष और खगोल विज्ञान, दोनों ही दृष्टियों से बेहद अद्भुत रहने वाला है। 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर साल का अंतिम चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन शतभिषा नक्षत्र, अतिगंड योग और कुंभ राशि में चंद्रमा का विशेष संचरण हो रहा है। रक्षाबंधन और चंद्रग्रहण का ऐसा दुर्लभ महासंयोग पूरे 70 साल बाद बन रहा है।
कैसा दिखेगा यह आंशिक 'ब्लड मून'?
28 अगस्त को लगने वाला यह ग्रहण एक आंशिक यानी खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। खगोल शास्त्रियों के अनुसार, ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का लगभग 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया से ढक जाएगा। इस स्थिति के कारण चंद्रमा का रंग गहरा लाल-नारंगी नजर आएगा, जिसे खगोलीय भाषा में 'लगभग ब्लड मून' जैसा दृश्य माना जाता है।
चंद्रग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं?
उपच्छाया स्पर्श- सुबह 06:55 बजे
आंशिक ग्रहण का प्रारंभ- सुबह 08:04 बजे
परमग्रास (चरम काल)- सुबह 09:43 बजे
आंशिक ग्रहण की समाप्ति- सुबह 11:21 बजे
उपच्छाया समाप्त- दोपहर 12:30 बजे
वास्तविक ग्रहण का यह दौर कुल 3 घंटे 17 मिनट तक चलेगा। हालांकि, यह चंद्रग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में दिखाई देगा। भारत में यह दृश्य नहीं होगा।
क्या रक्षाबंधन पर मान्य होगा सूतक काल?
भारत में दृश्य न होने के कारण यहां ग्रहण का सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा। अतः बहनें बिना किसी संशय या धार्मिक रुकावट के पूरे दिन रक्षासूत्र बांध सकती हैं और पूजा-पाठ संपन्न कर सकती हैं।
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राखी बांधने के शुभ मुहूर्त और राहुकाल
28 अगस्त को राखी बांधने के लिए तीन विशेष शुभ मुहूर्त बताए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में रक्षासूत्र बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, प्रगाढ़ता और समृद्धि आती है। ध्यान रखें कि सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक राहुकाल रहेगा; इस समय दौरान राखी बांधने या कोई भी शुभ कार्य करने से बचें।
पहला शुभ मुहूर्त- सुबह 06:36 बजे से 09:45 बजे तक
दूसरा शुभ मुहूर्त- दोपहर 12:03 बजे से 12:53 बजे तक
तीसरा शुभ मुहूर्त- शाम 07:43 बजे से रात 09:30 बजे तक