अपडेटेड 11 January 2026 at 12:53 IST

Somnath Jyotirlinga: भगवान शिव का सबसे पहला ज्योतिर्लिंग कहां है और कैसे पड़ा नाम? बेहद रोचक है कथा; दर्शन मात्र से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

Somnath Jyotirlinga: गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सोमनाथ मंदिर को हिंदू धर्म में बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में वर्णित यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय इतिहास के उतार-चढ़ाव और अटूट विश्वास का भी प्रतीक है।

Somnath Jyotirlinga
Somnath Jyotirlinga | Image: Freepik

Somnath Jyotirlinga: भारत की पावन धरती पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, जिनमें गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित 'सोमनाथ ज्योतिर्लिंग' को प्रथम स्थान प्राप्त है। ऋग्वेद से लेकर पौराणिक कथाओं तक में सोमनाथ मंदिर की महिमा का गुणगान किया गया है। अब ऐसे में सवाल है कि भगवान शिव के इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ कैसे पड़ा और इस ज्योतिर्लिंग का कथा क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

सोमनाथ मंदिर की उत्पत्ति की रोचक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव यानी कि सोम ने की थी। कथा के अनुसार, चंद्रदेव का विवाह प्रजापति दक्ष की 27 पुत्रियों यानी कि नक्षत्रों से हुआ। चंद्रदेव अपनी सभी पत्नियों में से 'रोहिणी' को सबसे अधिक प्रेम करते थे। शेष 26 पुत्रियों ने जब यह शिकायत अपने पिता दक्ष से की, तो उन्होंने क्रोधित होकर चंद्रदेव को 'क्षय रोग' का श्राप दे दिया, जिससे उनका तेज धीरे-धीरे घटने लगा। 

इतनी कोशिश करने के बाद भी ब्रह्मा जी के परामर्श के बाद, चंद्रदेव ने प्रभास क्षेत्र में आकर भगवान शिव की घोर तपस्या की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें श्राप से मुक्ति दिलाई और अमरत्व प्रदान करने के लिए स्वयं यहां ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हो गए। क्योंकि सोम ने यहा शिव की आराधना की थी, इसलिए इसका नाम 'सोमनाथ' पड़ा।

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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का धार्मिक महत्व 

धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से सोमनाथ के दर्शन और पूजा करता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा नीच का है या 'चंद्र दोष' है, उनके लिए यहाँ पूजा और जलाभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इतना ही नहीं, आपकी कोई मनोकामना है, जिसे आप सिद्ध करना चाहते हैं तो आप सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा विधिवत करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 January 2026 at 12:53 IST