अपडेटेड 9 January 2026 at 08:58 IST

Lohri Kab Hai 2026: लोहड़ी का पर्व कब मनाया जाएगा? जानें सही डेट और क्यों खास है ये त्योहार

Lohri Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में लोहड़ी का पर्व पंजाब और उसके आसपास के क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। अब ऐसे में इस साल लोहड़ी का पर्व कब मनाया जाएगा और यह पर्व क्यों इतना खास है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Lohri Kab Hai 2026
Lohri Kab Hai 2026 | Image: Freepik

Lohri Kab Hai 2026: नए साल की शुरुआत के साथ ही त्योहारों का सिलसिला शुरू हो चुका है। वहीं पंजाब और हरियाणा का सबसे प्रमुख त्योहार लोहड़ी अब बस आने ही वाला है। यह त्योहार न केवल फसलों की कटाई का प्रतीक है, बल्कि कड़ाके की ठंड की विदाई और खुशहाली के आगमन का संदेश भी लाता है। अब ऐसे में अगर आप असमंजस में हैं कि लोहड़ी का पर्व कब मनाया जाएगा? सही तिथि क्या है और लोहड़ी पर्व का महत्व क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

लोहड़ी 2026 की सही तिथि और मुहूर्त क्या है? 

आमतौर पर लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इसीमें लोहड़ी का पावन पर्व 13 जनवरी 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। 

  • लोहड़ी तिथि- लोहड़ी 13 जनवरी को मनाया जाएगा। 
  • लोहड़ी की पूजा का समय  - शाम 06:30 बजे से रात 08:30 बजे तक

क्यों खास है लोहड़ी का त्योहार? 

लोहड़ी को फसलों का त्योहार कहा जाता है। इस दिन किसान अपनी अच्छी फसल के लिए ईश्वर और अग्नि देव का आभार व्यक्त करते हैं। यह समय पंजाब में रबी की फसल के लहलहाने का होता है। किसान अपनी पहली फसल का अंश अग्नि को समर्पित करते हैं और आने वाले साल में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। जिन घरों में नई शादी हुई होती है या बच्चे का जन्म हुआ होता है, वहां लोहड़ी का विशेष उत्साह होता है। इसे 'पहली लोहड़ी' के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, जहां परिवार और रिश्तेदार मिलकर नवविवाहित जोड़े और बच्चे को आशीर्वाद देते हैं।

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लोहड़ी मनाने की परंपरा क्या है? 

लोहड़ी की शाम को किसी खुले स्थान मनाया जाता है। लोग इसके चारों ओर घेरा बनाकर बैठते हैं और पारंपरिक लोकगीत गाते हुए भांगड़ा और गिद्धा करते हैं। अग्नि में मूंगफली, रेवड़ी, गजक, तिल और मक्का अर्पित किए जाते हैं, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इस दिन मक्के की रोटी और सरसों का साग खाने की परंपरा है, जो सर्दियों के मौसम का सबसे खास पकवान माना जाता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 9 January 2026 at 08:57 IST