अपडेटेड 13 March 2026 at 23:37 IST
Kharmas 2026 Date: 14 या 15 मार्च... कब से शुरू है खरमास? जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं
Kharmas 2026 Lord Surya Dev: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों के राजा सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की शुरुआत होती है। साल 2026 में मार्च महीने में सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जिसके साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी।
- धर्म और अध्यात्म
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Kharmas 2026 Significance: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों के राजा सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की शुरुआत होती है। इस अवधि को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस समय कई मांगलिक कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।
साल 2026 में मार्च महीने में सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जिसके साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। तो चलिए जानते हैं कि 2026 में खरमास कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कब से कब तक रहेगा खरमास?
द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 मार्च 2026 को तड़के 1 बजकर 18 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ खरमास की शुरुआत हो जाएगी।
- खरमास शुरू: 15 मार्च 2026
- खरमास समाप्त: 14 अप्रैल 2026 सुबह 09:38 बजे
इसके बाद सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास समाप्त हो जाएगा।
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खरमास में मांगलिक कार्य क्यों नहीं किए जाते?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों यानी धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस समय गुरु की स्थिति कमजोर मानी जाती है।
इसी कारण इस अवधि में कई शुभ और मांगलिक कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, जैसे विवाह, सगाई या तिलक, गृह प्रवेश, मुंडन और छेदन संस्कार, जनेऊ या अन्य सोलह संस्कार, नया व्यापार शुरू करना और वाहन या प्रॉपर्टी खरीदना नहीं किया जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं।
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खरमास के दौरान क्या करना चाहिए?
खरमास का समय धार्मिक साधना और पुण्य कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान कुछ खास कार्य करने से लाभ मिलता है।
सूर्य देव को अर्घ्य दें
रोज सुबह तांबे के पात्र में जल, सिंदूर, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।
जप, तप और दान करें
इस महीने में मंत्र जाप, तपस्या और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है।
पवित्र नदी में स्नान
खरमास के दौरान गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना पुण्यदायी माना जाता है।
सेवा और दान
गाय, ब्राह्मण और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है।
तीर्थ यात्रा
कम से कम एक बार किसी पवित्र तीर्थ स्थान की यात्रा करना भी शुभ माना जाता है।
भगवान विष्णु की पूजा
इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
खरमास में किन कामों से बचना चाहिए?
खरमास के दौरान कुछ कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इनसे बचना चाहिए। इस दौरान विवाह, सगाई या तिलक जैसे कार्य, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदना, मुंडन, छेदन और जनेऊ संस्कार नहीं किये जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन कार्यों में सफलता मिलने में बाधाएं आ सकती हैं।
खरमास के दौरान करें किन मंत्रों का जाप?
खरमास में सूर्य देव की पूजा और मंत्र जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
- ॐ सूर्याय नमः
- ॐ घृणि सूर्याय नमः
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा
- ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकरः
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
इन मंत्रों के नियमित जाप से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 13 March 2026 at 23:37 IST